तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा दल के तौर पर उभरे टीवीके नेता विजय ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है.
बुधवार को विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा है.
बनते- बिगड़ते समीकरणों के बीच तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष ने टीवीके को समर्थन दिया है जिसके बाद डीएमके ने कांग्रेस के इस फ़ैसले को ‘पीठ में छुरा घोंपने’ वाला बताया है.
कांग्रेस डीएमके की सहयोगी रही है और चुनाव में उसे पांच सीटों पर जीत मिली है.
चार मई को आए पांच विधानसभा चुनावों के परिणामों में से तमिलनाडु विधानसभा में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने 108 सीटों पर जीत के साथ इतिहास रचा है.
तामिलनाड़ु में बहुमत के लिए 118 सीटों की जरूरत है. टीवीके बहुमत से महज़ 10 कम हैं.
वहीं सत्तारूढ़ डीएमके की हार हुई है, उसे 59 सीटों पर जीत मिली है, जबकि एआईएडीएमके को 47 सीटों पर जीत मिली है.
इस बीच तमिलनाडु कांग्रेस ने बताया है कि टीवीके ने सरकार बनाने के लिए आधिकारिक तौर पर कांग्रेस का समर्थन मांगा था. कांग्रेस को इन चुनावों में 5 विधानसभा सीटों पर जीत मिली है.
तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष सेल्वापेरुंथगई के. ने कहा है कि कांग्रेस ने उन्हें समर्थन पत्र सौंप दिया है और ये हाई कमान का फ़ैसला है.
‘पीठ में छुरा घोंपा’
कांग्रेस के इस फ़ैसले को ख़ासा चौंकाने वाला समझा जा रहा है क्योंकि कांग्रेस अब तक तमिलनाडु में डीएमके की एक मज़बूत पार्टनर रही है.
दोनों ही दल राज्य से लेकर केंद्र स्तर तक के चुनाव साथ लड़ते आ रहे हैं और हालिया विधानसभा चुनाव दोनों ने साथ मिलकर लड़ा था.
कांग्रेस के टीवीके को समर्थन देने के संकेतों के बाद डीएमके खुलकर कांग्रेस के ख़िलाफ़ आई गई है.
डीएमके ने इस कदम को अपने लंबे समय के राष्ट्रीय सहयोगी का “पीठ में छुरा घोंपने” वाला बताया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए डीएमके के प्रवक्ता सर्वनन अन्नादुरई ने कहा, “कांग्रेस पार्टी ने टीवीके के साथ गठबंधन करने और उसे समर्थन देने का फ़ैसला किया है. मुझे लगता है कि उन्होंने पीठ में छुरा घोंपा है.”
डीएमके ने कांग्रेस पर तमिलनाडु के लोगों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है.
डीएमके प्रवक्ता ने कहा “रिटर्निंग ऑफिसर के जीत के प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर की स्याही सूखने से पहले ही उन्होंने गठबंधन करने का फैसला कर लिया.”
डीएमके प्रवक्ता ने कहा, “हमने हर कदम पर कांग्रेस का समर्थन किया है और हमारे नेता एके स्टालिन ने ही राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाया था.”
