रामगढ़ः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को सपरिवार अपने पैतृक गांव नेमरा में आयोजित ‘बाहा पर्व’ में शामिल हुए.
बाहा संतालियों का एक पारंपरिक पर्व है, जिसे होले के मौके पर मनाया जाता है. बुधवार की रात ही हेमंत सपरिवार अपने पैतृक गांव पहुंच गए थे. बाहा पर्व में मुख्यमंत्री को अपनों के बीच देखकर नेमरा के ग्रामीणों में उत्साह और उल्लास था. ढोल, मांदर की गूंज पर लोगों ने खुशियां बांटी.
हेमंत सोरेन ने कहा कि परंपरा और संस्कृति को सहेजे रखना जरूरी है. यह पर्व आदिवासी समाज के लिए एक धरोहर जैसा है.
गुरुवार को सोरेन ग्रामीणों के साथ नेमरा गांव स्थित जाहेर थान पहुंचे. यहां पारम्परिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों की सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उन्नति की कामना की. परंपरा के अनुरूप पूजन कार्य गांव के नाइके बाबा (पाहन) चैतन टुडू एवं कुडम नाइके बाबा (उप पाहन) श्री छोटू बेसरा ने संपन्न कराया.
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने स्वयं मांदर बजाकर ग्रामीणों का उत्साहवर्द्धन किया.
मुख्यमंत्री के नेमरा आने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में आस-पास क्षेत्र के लोग नेमरा गांव पहुंचे तथा मुख्यमंत्री से मुलाकात की. मुख्यमंत्री भी आत्मीयता के साथ लोगों से मिले एवं उनकी बातों को सुना. मौके पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों को ‘बाहा पर्व’ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी.
