रांचीः झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर बैंकों में लंबित आवेदन को पंद्रह दिनों में निष्पादित करने को कहा है.
गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना की समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि विद्यार्थियों ने लोन के लिए 5,872 आवेदन विभिन्न बैंकों में दिए है. इनमें 868 आवेदन अभी भी लंबित पड़े हुए हैं.
वित्त मंत्री सोमवार को राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, झारखंड की 94वीं त्रैमासिक बैठक को संबोधित कर रहे थे.
वित्त मंत्री किशोर ने कहा कि गुरुजी क्रेडिट कार्ड हेमंत सोरेन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. अतः इसका निष्पादन तीव्र गति से किया जाए.
उन्होंने कहा कि झारखण्ड राज्य के आर्थिक विकास में बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. राज्य में ऋण जमा अनुपात में निरंतर सुधार वित्तीय प्रणाली पर जनता का भरोसा परिलक्षित करता है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह प्रगति समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.
वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले तिमाही ऋण जमा अनुपात (CD Ratio) 52.28% से बढ़कर 53.63% हुआ है. यह धीमा है, पर इसमें सुधार की गुंजाइश है.
बैठक में विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड, राज्य के सभी अग्रणी बैंक एवं राज्य के 24 जिलों के अग्रणी जिला प्रबंधक भी शामिल हुए.
वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता समावेशी वित्तीय विकास को सुदृढ़ करना है जिसके अंतर्गत बैंक ग्रामीण वंचित तबकों, लघु उद्यमियों, कृषकों एवं स्वरोजगार से जुड़े युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है.
