रांचीः उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार तथा स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के साथ बुधवार को झारखंड राज्य आकलन-प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई.
मंत्री सुदिव्य कुमार के धुर्वा स्थित आवास पर लगभग एक घंटा चली बैठक में पारा शिक्षकों की समस्याओं, सेवा सुरक्षा, भविष्य और मानवीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.
इस बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सुप्रीम कोर्ट के अंतिम आदेश तक सभी धैर्य बनाए रखेंगे.
मंत्रियों ने प्रतिनिधिमंडल से स्पष्ट कहा कि राज्य में किसी भी कर्मचारी या आमजन के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही 42,000 पारा शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित करने का भरोसा दिलाया।
अनुकंपा पर नियुक्ति की प्रक्रिया को तेज करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया.
बैठक के दौरान दोनों मंत्रियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि पारा शिक्षक निश्चिंत होकर अपना कार्य करें. 60 वर्ष आयु से पहले किसी की सेवा खत्म नहीं की जाएगी.
वार्ता में यह बात भी सामने आई कि सहायक अध्यापकों (पारा शिक्षक) के सेवा के दौरान निधन होने पर उनके आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी देने का प्रस्ताव कैबिनेट की अगली बैठक में लाया जा सकता है.
मंत्रियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि पारा शिक्षकों से संबंधित मामला वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में लंबित है.
न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, उसके पांच दिनों के भीतर बैठक बुलाकर समाधान पर चर्चा की जाएगी.
वार्ता के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि सरकार का रुख सकारात्मक है और समाधान की दिशा में ठोस कदम बढ़ चुका है.
मानक तय करेगा प्राधिकरण
राज्य में विद्यालयों के मानक तय करने के लिए राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण के गठन का निर्णय लिया गया है.
झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) इस प्राधिकरण की भूमिका निभाएगा. राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अनुपालन के तहत राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है.
