राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी है.
अधिसूचना में कहा गया, “भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (3) के साथ पठित खंड (1) के उपखंड (क) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति राज्यसभा के लिए हरिवंश को नामित करती हैं.”
गृह मंत्रालय के मुताबिक़, राज्यसभा में एक नामित सदस्य की सेवा समाप्त होने के कारण एक पद खाली हुआ था.
संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड 3 के तहत, भारत के राष्ट्रपति के पास राज्यसभा में 12 सदस्यों को नामित या मनोनीत करने की शक्ति होती है.
इन सदस्यों को साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या अनुभव के आधार पर नॉमिनेट किया जाता है.
हरिवंश 2014 में पहली बार राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए थे. तब जदयू ने उन्हें राज्य सभा भेजा था. इसके बाद वे लगातार इस पद पर रहे.
वे 9 अगस्त 2018 को राज्यसभा के उपसभापति बनाए गए.
इसके बाद फिर 14 सितंबर 2020 को राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित हुए थे. उनका अगला कार्यकाल 2032 तक रहेगा.
