रांचीः झारखंड में प्रस्तावित एसआईआर को लेकर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने को कहा है.
मुख्यमंत्री के कांके रोड स्थित आवास पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई. इसमें विशेष गहन पुनरीक्षण, जनगणना और सांगठनिक मजबूती पर विस्तृत चर्चा की गई.
बैठक के पहले दिन राज्य के 12 जिलों से आए संगठन के चुनिंदा पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया. बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वर्तमान राजनीतिक हालात में संगठन की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है.
उन्होंने बूथ, पंचायत, वार्ड, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी ढांचे को और सशक्त बनाने का निर्देश दिया, ताकि पार्टी हर स्तर पर प्रभावी भूमिका निभा सके.
जनगणना पर भी नजर
बैठक में देश में प्रस्तावित जनगणना के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई. नेताओं ने माना कि जनगणना केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है.
पार्टी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि झारखंड के आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और वंचित समाज की सही गणना सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि उनके अधिकार सुरक्षित रह सकें.
इससे पहले हेमंत सोरेन ने एसआईआर और जनगणना को लेकर पदाधिकारियों से आंख और कान खुले रखने को कहा. कहा, बारीकी से एक-एक प्रक्रिया पर नजर रखनी होगी.
एसआईआर पर भी मंथन, बीजेपी पर आरोप
इसके साथ ही SIR को लेकर भी बैठक में गंभीर मंथन हुआ. पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस प्रक्रिया की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर सकती है.
झामुमो नेताओं ने संकल्प लिया कि SIR के नाम पर किसी भी लोकतांत्रिक अधिकार से जनता को वंचित नहीं होने दिया जाएगा और भाजपा के किसी भी षड्यंत्र को सफल नहीं होने दिया जाएगा.
बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में संगठन स्तर पर विशेष अभियान चलाकर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे मतदाता सूची, जनगणना और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर लोगों को जागरूक कर सकें.
बैठक में मंच पर सांसद विजय हांसदा, जोबा मांझी, नलिन सोरेन, विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी, हेमलाल मुर्मू, कल्पना सोरेन, बसंत सोरेन, लुईस मरांडी, धनंजय सोरेन, एमटी राजा, सविता महतो, सुखराम उरांव, नीरल पूर्ति, भूषण तिर्की, आलोक सोरेन, सुदीप गुडिया, राम सूर्या मुंडा, जगत मांझी, उदय शंकर सिंह, के अलावा पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पांडेय मौजूद रहे.
