रांचीः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि आधी जिम्मेदारी सरकार उठाएगी और आधी जिम्मेदारी किसानों को उठानी होगी. जब दोनों मिलकर प्रयास करेंगे तो झारखंड के किसानों को कोई हरा नहीं सकता.
रांची के मोराबादी मैदान में ‘झारखण्ड कृषि उत्पाद एवं व्यापार मेला 2026’ के भव्य उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हेमंत सोरेन ने राज्य में खेती-किसानी और कृषि की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि व्यापार मेला का आयोजन इस उद्देश्य से किया गया है कि कृषकों की आमदनी कैसे बढ़ाई जा सके.
उन्होंने कहा कि राज्य की लगभग 80% आबादी आजीविका के लिए खेती पर निर्भर है. जलवायु परिवर्तन के कारण खेती कार्य में नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।. आने वाले समय में पीने और खेती के पानी का घोर संकट होने जा रहा है. वर्तमान समय में भू-जल का लगातार सिर्फ दोहन हो रहा है. जरूरी है कि हम पानी बचाएं। जल संचय पर ध्यान केंद्रित करें। खेतों तथा बंजर भूमि पर जल संचय के लिए जगह बनायें.
तरक्की की होड़ में विनाश को रोकना होगा
उन्होंने कहा कि विकास की लकीर के साथ खिंच रही विनाश की लकीर को रोकना होगा और इसमें आम जन-भागीदारी बेहद जरूरी है. हम नये युग में प्रवेश तो कर रहे हैं, लेकिन आने वाले विनाश के बाबत भी हमें संतुलन बनाकर आगे बढ़ने की जरूरत है. उन्होंने पशुधन का जिक्र करते हुए कहा कि ये गाय-बकरियां भी तभी बचेंगी जब धरती पर पानी, पेड़ और हरियाली सुरक्षित रहेगी. इंसानों का वजूद भी पानी और पेड़ पौधों से ही है.
बिरसा हरित क्रांति
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत बंजर भूमि और खेतों पर लगाए गए फलदार पौधों का परिणाम दिखने लगा है. हाल दिनों में ही सिमडेगा की जेएसएलपीएस (JSLPS) से जुड़ी दीदियाँ मुझसे मिलने आई थीं. उनके द्वारा बागवानी के माध्यम से उपजाया गया आम आज सीधे लंदन (यूके) निर्यात हो रहा है.
मुख्यमंत्री ने किसानों से आग्रह किया कि फसलों को उगाने में जहरीला पदार्थ का इस्तेमाल न करें. रासायनिक खाद का इस्तेमाल भी कम से कम हो यह सुनिश्चित करें.
प्रगतिशील किसानों की मैपिंग
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को निर्देश दिया है कि वे राज्य के सभी बेहतर व आधुनिक खेती करने वाले किसानों की मैपिंग करें. उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सीधे मुख्यमंत्री की तरफ से सम्मानित किया जाएगा और उन्हें तकनीकी उपकरणों से लैस करने हेतु आर्थिक सहायता दिए जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही.
उन्होंने किसानों के सवालों, जिज्ञासाओं और सुझावों के त्वरित निष्पादन के लिए विभाग को अविलंब एक विशेष पोर्टल तैयार करने का आदेश दिया है, जहाँ किसान अपनी बातें रख सकेंगे और सरकार व वैज्ञानिक उन्हें तुरंत समाधान उपलब्ध कराएंगे.
इस अवसर पर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, इरफान अंसारी, दीपिका पाण्डेय सिंह, मंत्री, सांसद राज्यसभा महुआ माजी समेत कई विधायक और राज्य सरकार के वरीय अधिकारी तथा विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कृषक बड़ी संख्या में उपस्थित थे.
