लातेहार: पलामू टाइगर रिजर्व अंतर्गत छिपादोहर पश्चिम वन क्षेत्र स्थित गुरीकरम जंगल में महुआ चुनने गई महिलाओं पर जंगली भैंसों के हमले में दो महिलाओं की मौत हो गई है.
मृतकों की पहचान सिलमानिया देवी और शांति कुमारी के रूप में हुई है. दोनों मोरवाई गांव के रहने वाली थीं.
वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी ली है. साथ ही मृतक के परिजनों को तत्काल 50-50 हजार रुपए मुआवजा दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक सोमवार को महुआ चुनने के लिए गांव की महिलाएं जंगल की ओर गई थीं. इसी दौरान जंगल में अचानक जंगली भैंसों के झुंड ने दो महिलाओं पर हमला कर दिया.
देर शाम तक जब महिलाएं वापस घर नहीं लौटीं तो परिजन परेशान हो गए और महिलाओं को ढूंढने के लिए जंगल में गए. तब महिलाओं का हाल देखा. हालांकि वे तब तक दम तोड़ चुकी थीं.
इस संबंध में मुखिया आशीष सिंह चेरो ने बताया कि दोनों महिलाएं जंगल में महुआ चुनने के लिए गई थीं. लेकिन जंगली भैंस ने हमला कर दोनों को मार डाला.
वहीं इस संबंध में फॉरेस्टर रजनीश कुमार ने कहा कि मृतकों के परिजनों को सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा. तत्काल दोनों के परिजन को 50-50 हजार रुपए मुआवजे की राशि दी जा रही है. शेष राशि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी.
ग्रामीण सुरक्षा का ध्यान रखें
वनपाल रजनीश कुमार ने आम लोगों से अपील की है कि जंगल में कभी भी अकेले या दो लोग ना जाएं. जंगल में तभी जाएं जब सवेरा हो जाए. धूप निकलने के बाद ही जंगल में जाना सुरक्षित होता है. उन्होंने कहा कि अगर जंगल में महुआ चुनने या फिर लकड़ी चुनने जाना हो तो ग्रामीण इकट्ठा होकर जाएं और उजाला रहते ही वापस लौट आएं.
