प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की. इसके लिए उन्होंने कई रास्ते भी बताए हैं.
पीएम मोदी ने इस दौरान एक साल तक सोना न ख़रीदने और खाने का तेल कम इस्तेमाल करने की अपील की.
पीएम मोदी रविवार को तेलंगाना के दौरे पर थे. हैदराबाद में जहां उन्होंने एक सरकारी समारोह में कई विकास परियोजनाओं की घोषणा की वहीं सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित किया.
इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी के बयान की निंदा की है. कांग्रेस का कहना है कि पीएम मोदी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए आपातकालीन क़दम उठाने की जगह जनता को ही मुश्किल में डाल रहे हैं.
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर एक टिप्पणी में कहा है, “मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो. ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं। 12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें. देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं.”
पीएम मोदी ने क्या कहा है
मोदी ने जनसभा में कहा, “सप्लाई चेन की इन मुश्किलों के बीच पिछले दो महीने से ही हमारे पड़ोस में इतना बड़ा युद्ध चल रहा है. इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा है और भारत पर तो और भी गंभीर असर पड़ा है.”
उन्होंने कहा, “भारत के पास बड़े बड़े तेल के कुएं नहीं हैं. हमें अपनी ज़रूरत के पेट्रोल-डीज़ल-गैस ये सभी बहुत बड़ी मात्रा में दुनिया के दूसरे देशों से मंगाने पड़ते हैं. युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में पेट्रोल, डीज़ल, गैस और फ़र्टीलाइज़र के दाम बहुत अधिक बढ़ चुके हैं. आसमान को भी पार कर गए हैं. पड़ोस के देशों में क्या है वो तो अख़बारों में आता है.”
सोना खरीदने को लेकर
प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने को लेकर कहा कि जो भी रास्ते अपना सकते हैं वो अपनाना होगा.
उन्होंने कहा, “सोने की ख़रीद एक और पहलू है जिसमें विदेशी मुद्रा बहुत खर्च होती है. एक समय था जब संकट आता था तब लोग देशहित में सोना दान दे देते थे. आज दान की ज़रूरत नहीं है लेकिन देशहित में हमें यह तय करना होगा कि सालभर तक घर में कोई कार्यक्रम हो, हम सोने के गहने नहीं ख़रीदेंगे.”
“सोना नहीं ख़रीदेंगे. विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें यह स्वीकार करके विदेशी मुद्रा बचानी होगी.”
