चाईबासाः पश्चिम सिंहभूम जिले के गुवा सेल खदान क्रशर हाउस में मुण्डा मानकी के बैनर तले स्थानीय ग्रामीणों ने रोजगार और नौकरी की मांग को लेकर शुरू अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन का असर गहराने लगा है.
आंदोलन के कारण गुवा सेल खदान का उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. प्रदर्शनकारियों ने साइज स्क्रीन और पहाड़ के ऊपर स्थित क्रॉसिंग प्लांट को बंद करा दिया है. इसके कारण खदान से जुड़ी उत्पादन प्रक्रिया बाधित हो गई है. इतना ही नहीं, सेल रेलवे बंकर स्थित डिस्पैच कार्य को भी रोक दिया गया है.
इससे लौह अयस्क की ढुलाई और सप्लाई प्रभावित हो रही है. अधिकारियों के अनुसार, यदि आंदोलन लंबे समय तक जारी रहा तो उत्पादन और राजस्व पर बड़ा असर पड़ सकता है.
सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की अगुवाई में आदिवासी पारंपरिक तीर-धनुष के साथ सेल के क्रशन हाउस के सामने जमा हुए. इसके बाद काम ठप करा दिया.
मधु कोड़ा ने बताया कि सेल प्रबंधन को ग्रामीणों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि उनकी मांग पर जायज निर्णय नहीं लिया गया, तो अनिश्चितकालीन चक्का जाम किया जाएगा.
वार्ता विफल, उत्पादन ठप
आंदोलनकारियों और सेल प्रबंधन के बीच एक दौर की वार्ता हुई लेकिन वार्ता विफल रही. इसके बाद आंदोलन और तेज हो गया तथा सैकड़ों ग्रामीण, मजदूर एवं स्थानीय मुंडा-मानकी प्रतिनिधि सड़क पर उतर गए.
मानकी मुंडा का कहना है कि जब तक सेल प्रबंधन उनकी मांगों को पूरा नहीं करता तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
आंदोलनकारियों ने खदान उत्पादन और डिस्पैच कार्य ठप कर दिया. प्रशासन और सीआईएसएफ के जवान मौके पर तैनात हैं, जबकि ग्रामीण रोजगार की मांग पर अड़े हुए हैं.
अहले भोर बसों को रोका
आंदोलन का असर सोमवार सुबह से ही देखने को मिला. सुबह चार बजे प्रथम पाली में खदान क्षेत्र जाने वाली बसों को आंदोलनकारियों ने रोक दिया. इसके कारण बड़ी संख्या में सेल कर्मी अपने कार्यस्थल तक नहीं पहुंच सके. बसों के रुकने से खदान के अंदर नियमित कामकाज भी प्रभावित हुआ.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गुवा प्रशासन और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी सीआईएसएफ के जवानों को आंदोलन स्थल पर तैनात किया गया है. प्रशासन लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो.
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आंदोलनकारियों से बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि फिलहाल आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
