चाईबासाः झारखंड में पश्चिम सिंहभूम जिले के गुवा की सेल खदान क्षेत्र में सोमवार को मानकी- मुंडा बैनर तले दर्जन भर गांवों के आदिवासियों ने मोर्चा खोल दिया. रोजगार की मांग को लेकर पहले से आंदोलित ग्रामीणों ने सुबह से ही सड़कों को जाम कर दिया. इस दौरान परंपरागत तौर पर तीर-धनुष लेकर प्रदर्शन करते रहे.
सोमवार तड़के 4 बजे शुरू हुआ यह आंदोलन दिन चढ़ते असरदार हो गया. इस वजह से मुख्य मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे खदानों से लेकर आम आवाजाही तक पूरी तरह ठप हो गई.
चक्का जाम की सूचना मिलते ही सेल प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. आंदोलनकारियों को समझाने और जाम समाप्त कराने के लिए कई दौर की वार्ता की गई, लेकिन स्थानीय युवा अपनी मांगों पर अड़े रहे, शुरुआती बातचीत में किसी ठोस परिणाम के न निकलने के कारण क्षेत्र में घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और प्रबंधन के प्रति युवाओं की नाराजगी बढ़ती रही.
प्रदर्शनकारी पुलिस और सेव प्रबंधन के अधिकारी की कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे. वे इन बातों पर जोर देते रहे कि पिछले तीन दिनों तक ग्रामीणों ने भूख हड़ताल की. धरना दिया, लेकिन उनकी बात सुनने की किसी ने जहमत नहीं उठायी.
प्रशासनिक हस्तक्षेप
स्थिति की गंभीरता को देखते दंडाधिकारी के तौर पर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी विनोद कुमार ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की. इस वार्ता में सेल के वरीय अधिकारी और मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों ने भाग लिया. अपने- अपने तर्क और दावों के बीच सहमति बनी कि आगामी 5 मई को सेल के सीएसआर (CSR) क्षेत्र के सभी 18 गांवों के मुंडा-मानकी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की जाएगी, जिसमें बहाली और अन्य समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा.
लिखित आश्वासन पर माने
सेल प्रबंधन ने इस बैठक के लिए लिखित आश्वासन दिया. तब जाकर आंदोलनकारी चक्का जाम खत्म करने को तैयार हुए. करीब साढ़े 12 घंटे तक चले इस भारी गतिरोध के बाद शाम 4:30 बजे आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका. इस दौरान किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार, गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार और सेल के एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे.
