फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में हुए अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान पर भारत में तीख़ी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद, न अफ़सोस, न माफ़ी. उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है.”
उन्होंने लिखा, “उनके शब्द पढ़िए: ‘अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें.’ कोई उल्लंघन ‘बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’.”
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ‘एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा.’ लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ‘चुप’ हैं और उनके ‘आदेश मान लेते’ हैं.
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा था कि उन्होंने भारतीय नाविकों के मौत मामले में अमेरिकी विदेश मंत्री के सामने ‘कड़ा विरोध’ दर्ज कराया था.
हालांकि, शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, मार्को रुबियो ने इस बातचीत के दौरान कहा कि “सभी कमर्शियल जहाज़ों को अमेरिकी सेना के आदेशों का तुरंत पालन करना चाहिए, क्योंकि वह इस स्ट्रेट में शांति और सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश कर रही है.”
उन्होंने कहा कि ‘अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.’
