रांचीः छह वर्षों से लापता बोकारो की 14 वर्षीय बच्ची के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को मामले में प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया.
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार का पक्ष सुनने के बाद यह आदेश दिया. साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में जांच के दौरान सीबीआई को किसी प्रकार की तकनीकी सहायता की आवश्यकता पड़ती है, तो राज्य सरकार उसे हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराए. अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी.
यह मामला बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र का है. 14 वर्षीय बच्ची 16 अक्टूबर 2020 से लापता है. परिजनों की शिकायत पर पिंड्राजोरा थाने में मामला दर्ज किया गया था. लंबे समय बीत जाने के बावजूद बच्ची का कोई ठोस सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया.
सीआइडी कर रही है जांच
फिलहाल इस बहुचर्चित मामले की जांच झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) कर रही है. पिछली सुनवाई में सीआईडी ने अदालत को जांच की प्रगति से अवगत कराया था.
सीआईडी की ओर से बताया गया था कि बिहार के गोपालगंज जिले में एक बच्ची की पहचान को लेकर महत्वपूर्ण सुराग मिला है.
जांच एजेंसी के अनुसार, गोपालगंज में मिली बच्ची का चेहरा बोकारो से लापता किशोरी से लगभग 90 प्रतिशत तक मेल खाता है. हालांकि, एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल चेहरे की समानता के आधार पर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता. इसलिए वैज्ञानिक और तकनीकी तरीकों से विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि यह शत-प्रतिशत पुष्टि की जा सके कि दोनों बच्चियां एक ही हैं या नहीं.
अदालत में मौजूद रहे महाधिवक्ता
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहितश्य राय अदालत में उपस्थित रहे. वहीं, प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विसेंट रोहित मार्की और अधिवक्ता रितु नंदा ने पक्ष रखा. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तिथि निर्धारित की है.
मामले की निगरानी
हाईकोर्ट लगातार इस मामले की निगरानी कर रहा है और जांच एजेंसियों से समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट मांग रहा है. अब सीबीआई को प्रतिवादी बनाए जाने के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय एजेंसी की विशेषज्ञता और तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया जा सकेगा. अदालत की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी, जिसमें जांच की ताजा स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत किए जाने की उम्मीद है.
