झारखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के तमाम सरकारी दावे को शिवानी की मौत बेमानी साबित करने को काफी हैं. आदिवासी बहुल गुमला जिले के 15 साल की स्कूली छात्रा शिवानी कुमारी लोहरा को सुबह में सिरदर्द और उल्टियां की शिकायत पर माता- पिता उसे लेकर जब अस्पताल के लिए निकले थे, तो उनके जेहन में रत्ती भर भी इसका ख्याल नहीं था कि उन्हें एक दर्दनाक दास्तां अथवा किसी अनहोनी से सामना करना होगा.
शिवानी को न समय पर मुकम्मल इलाज मिला और न ही एंबुलेंस. दर्द से तड़पती शिवानी ने पिता की गोद में दम तोड़ दिया.
चैनपुर प्रेमनगर निवासी राजकुमार लोहरा की बेटी शिवानी कुमारी बुधवार की सुबह रोजाना की तरह स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी. स्कूल यूनिफॉर्म पहनने के दौरान अचानक उसके सिर में तेज दर्द शुरू हुआ. शिवानी दर्द से चिल्लाने लगी और उसे लगातार उल्टियां होने लगी. बेटी की हालत देख माता-पिता और परिजन उसे आनन-फानन में तुरंत चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे.
शिवानी के पिता राजकुमार लोहरा ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी ने उनकी बेटी को नहीं देखा और सीधे सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया.
जब शिवानी की स्थिति और नाजुक होने लगी तो परिजनों ने डॉक्टरों से गुमला या रांची ले जाने के लिए तत्काल सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की गुहार लगाई, तो उन्हें बताया गया कि गाड़ी खराब हाल में है. स्टार्ट ही नहीं होती. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल वालों ने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया.
धक्का मारते रहे लोग
शिवानी की मां और अन्य परिजन अस्पताल परिसर में ही इस आस में बैठे रहे कि शायद कोई उनकी सुध लेगा, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की.
कुछ लोगों ने एंबुलेंस को धक्का मारकर स्टार्ट कराने की कोशिश की, लेकिन उसे स्टार्ट नहीं होना था. नहीं हुआ.
जब कोई रास्ता नहीं बचा, तो बेबस पिता ने अपनी बेटी की जान बचाने के लिए खुद दौड़-भाग कर एक निजी पिकअप वैन (गाड़ी) का इंतजाम किया.
ऑक्सीजन भी नहीं, टूट गई सांसें
इधर शिवानी की सांसें उखड़ रही थीं और उसे ऑक्सीजन की सख्त जरूरत थी. परिजनों ने आरोप लगाया है कि बिना ऑक्सीजन और बिना किसी मेडिकल सपोर्ट के रास्ते में शिवानी की हालत और ज्यादा बिगड़ गई.
परिजन शिवानी को पिकअप वैन में लेकर किसी तरह गुमला सदर अस्पताल पहुंचे. वहां भी डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रिम्स रेफर कर दिया. गुमला टाउन से निकलते ही रास्ते में शिवानी ने पिता की गोद में दम तोड़ दिया.
पिता अपनी लड़ली बेटी की ठंडी पड़े शरीर को गोद से सटाये खामोश बैठे रहे. कभी वे अपनी बेटी का चेहरा सहलाते. कभी माथे पर हाथ रखते.
इससे जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल है, जिसमें शिवानी की मां यह बता रही हैं कि किन मुश्किलों का उन्हें सामना करना पड़ा और किस हाल में बेटी की जान चली गई.
