नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जिल्ली में जारी धरना प्रदर्शन के बीच सीजेपी के प्रतिनिधियों की केंद्र सरकार के मंत्री जेपी नड्डा से दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में बातचीत हुई. इसमें केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी शामिल रहे.
यह बातचीत क़रीब दो घंटे तक चली. इसमें सीजेपी ने अपनी प्रमुख मांगे सरकार के सामने रखीं. इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवज़ा भी शामिल है.
बातचीत के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया है कि यह जानकारी दी है कि केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों पर कल तक का समय मांगा है.
इस बातचीत में प्रवक्ता सौरव दास के साथ आशुतोष रांका भी शामिल हुए. यह बातचीत क़रीब दो घंटे तक चली.
बातचीत के बाद सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, “पूरे देश का नज़रिया है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए या उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए. सरकार से इस बारे में विस्तृत चर्चा हुई है.”
अगर इस्तीफा नहीं दिया तो
न्होंने आगे कहा, “सरकार ने इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है. हमने सरकार को बता दिया है कि पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं और ये बढ़ते ही जाएंगे. अगर प्रधान ने इस्तीफ़ा नहीं दिया तो ये प्रदर्शन और व्यापक होंगे.”
बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “हम लोग आंदोलनकारियों के विषयों पर चर्चा करने के लिए यहां आए थे. उनकी बातें हमने सुनीं. बातचीत सौहार्दपूर्ण वातारवरण में हुईं.”
इस मुलाकात को लेकर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डे ने एक्स पर बताया है, “आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 से ही हमारी बातचीत जारी है. सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई. उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई. मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें.”
सरकार से बातचीत के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “हमने ये भी कहा कि दिल्ली पुलिस कल रात से और आज भी युवाओं को बिना किसी वजह के डिटेन कर रही है.”
“पुलिस वकीलों के साथ भी धक्का-मुक्की कर रही है. हमने सरकार को बताया कि ऐसा नहीं होना चाहिए. इससे पुलिस पर लोगों का विश्वास घटता है. उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है, लेकिन अगर हो रहा है तो वे दिल्ली पुलिस से ऐसा नहीं करने के लिए कहेंगे.”
शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा सीजेपी के महीने भर चले विरोध प्रदर्शनों का मुख्य मुद्दा रहा है. बीस जुलाई को जब छात्र संसद तक मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, तो ये प्रदर्शन हिंसक हो गए.
सीजेपी ने कहा है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो वे विरोध प्रदर्शनों को और तेज़ करेंगे.
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमारी मांगों में धर्मेंद्र प्रधान जी का इस्तीफ़ा, जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता, दूसरा एक करोड़ का मुआवज़ा और जो एफ़आईआर (सीजेआई के प्रदर्शनों के दौरान) हुए हैं, उन्हें वापस लेना शामिल है.”
उधर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है. प्रदर्शन को ख़त्म करने को लेकर सरकार की तरफ से की जा रही अपील और आश्वासन का युवाओं पर कोई असर नहीं दिख रहा है.
पीएम मोदी ने कहा
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.’
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का फ़ैसला किया है.
पीएम मोदी के आश्वासन पर कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने गुरुवार को कहा, “कोई फ़ायदा नहीं है ऐसी बातों का, ऐसी घोषणाओं का. ये सब झांसे हैं. जनता झांसों में न आए. हमें जवाबदेही चाहिए और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से कम में हम लोग बातचीत नहीं करेंगे.”
