झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग की एसआईटी ने पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को नोटिस जारी कर 28 जुलाई को पूछताछ के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है.
14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में उनसे पूछताछ की जाएगी.
जांच एजेंसी परीक्षा संचालन, परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया, आउटसोर्स एजेंसी के चयन और आयोग के प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर छानबीन में जुटी है.
इससे पहले जांच एजेंसी ने 22 जुलाई को ख्यांग्ते के आवास पर लगभग पांच घंटे की छापेमारी की थी. छारेमारी के दौरान कई दस्तावेज और अन्य सामान सीआइडी ने अपने कब्जे में लिया है.
इधर, एल ख्यांगते ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है.
उनका कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में सभी निर्णय नियमों के अनुसार लिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति या एजेंसी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और राज्य के मुख्य सचिव रहे ख्यांगते ने 6 मार्च 2025 को जेपीएससी चेयरमैन का पदभार संभाला था.
परीक्षाओं में गड़बड़ी की जांच के सिलसिले में सीआइडी की आयोग के दफ्तर और परीक्षा लेने वाली एजेंसी टीडीपीएल के ठिकानों पर छापेमारी के बीच ख्यांग्ते ने पद से इस्तीफा दे दिया था.
