रांचीः झारखंड आंदोलन के अग्रणी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें पूरे राज्य में शिद्दत से याद किया जा रहा. भावभीनी श्रद्धजांलि दी जा रही है.
पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरुजी की याद में राज्य भर में श्रद्धांजलि सभाएं, रक्तदान शिविर, सर्वधर्म प्रार्थना और सरकारी, गैर सरकारी स्तर पर सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं.
रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में मुख्य कार्यक्रम होना है. अपने पैतृक गांव में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिशोम गुरुजी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण करेंगे. साथ ही विकास मेले का भी यहां योजन होगा. लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का सरकार वितरण करेगी.
विकास मेले में विभिन्न विभागों की ओर से लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा.
मुख्यमंत्री इस मौके पर सोबरन मांझी की प्रतिमा स्थल पर भी जाकर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे.
देश भर के बड़े नेता पुण्य तिथि पर सोशल मीडिया के जरिए शिबू सोरेन को याद कर रहे हैं.
इधर झारखंड की राजधानी रांची में भी जगह- जगह शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी जा रही है.
व्यापक तैयारियां
पैतृक आवास नेमरा में आयोजित कार्यक्रमों को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं. गोला चौक से लेकर नेमरा तक सड़क के दोनों ओर शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि के बैनर और झामुमो के झंडे लगाए गए हैं. मुख्य कार्यक्रम स्थल लुकैयाटांड मैदान स्थित सोना सोबरन प्लस टू हाई स्कूल परिसर में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई है.
भारतीय राजनीति में लंबी पारी खेलने वाले झारखंड आंदोलन के पुरोधा, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक संरक्षक शिबू सोरेन का पिछले साल चार अगस्त को 81 साल की उम्र में निधन हुआ था. मरणोपरांत उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है. वे झारखंड में तीन बार मुख्यमंत्री भी रहे.
