खूंटीः चाला अखड़ा खोड़हा के तत्वावधान में खूंटी में करम पूर्व संध्या एवं शोभायात्रा का आयोजन किया गया. इसमें खूंटी जिले के विभिन्न प्रखंडों के अलावा लोहरदगा, सिमडेगा और गुमला जिले से आए आदिवासी समाज के लोगों ने भी भाग लिया.
कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया.
कार्यक्रम की शुरुआत खूंटी कचहरी मैदान से शोभायात्रा के साथ हुई. शोभायात्रा नेताजी चौक तक निकाली गई. इसमें विभिन्न खोड़हा दलों के कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए.
इसके बाद कचहरी मैदान में गीत-नृत्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. खोड़हा दलों ने जनजातीय पारंपरिक नृत्य और संगीत कला की प्रस्तुति दी.
करम गड़ाय रे..
इस दौरान ‘भादो कर एकादशी अखड़ा में करम गड़ाय रे’ और ‘द्वितीय में राजा ठाकुर रथ चलाए’ जैसे पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए गए. कलाकारों ने करम पर्व से जुड़े लोकगीतों और नृत्यों के माध्यम से प्रकृति, संस्कृति और सामुदायिक परंपराओं का संदेश दिया.
कार्यक्रम की अगुवाई खूंटी जिले के अमरनाथ सिंह चेरो, पुष्पा देवी और रविंद्र सिंह चेरो के साथ सिमडेगा के बानो प्रखंड से शिवनारायण सिंह चेरो, जनकू सिंह चेरो, हरिकिशोर साय चेरो तथा गुमला से लक्ष्मण सिंह चेरो, मोहरनाथ सिंह चेरो, चैतु सिंह चेरो और नरेंद्र सिंह चेरो ने की.
प्रकृति संरक्षण का संदेश
प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए चेरो समुदाय के कलाकारों की ओर से आयोजन समिति ने सखुआ के पौधे भेंट किए. समिति के सदस्यों ने कहा कि करम पर्व प्रकृति और मानव के पारस्परिक संबंध को मजबूत करने वाला पारंपरिक पर्व है.
आयोजन को सफल बनाने में मदन सिंह चेरो, बुच्छेश्वर सिंह चेरो, महेश सिंह चेरो, कशीला देवी, विनीता कुमारी, सरिता कुमारी, दसरू साय चेरो, जगतपाल सिंह चेरो, देवसन सिंह चेरो और जुगराम सिंह चेरो सहित अन्य लोगों ने योगदान दिया.
