रांचीः झारखंड लोकसेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल की राज्य सरकार के मंत्रियों की कमेटी के साथ स्टेट गेस्ट हाउस में बैठक हुई.
छात्रों के प्रतिनिधियों के साथ सरकार के मंत्रियों की यह वार्ता करीब पौने दो घंटे तक चली.
छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्रियों के समक्ष जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े सभी मुद्दों तथा अपनी मांगों का विस्तृत आधार प्रस्तुत किया. छात्र-छात्राओं ने विस्तार से बताया कि उनकी मांगें किन तथ्यों और परिस्थितियों पर आधारित हैं.
मंत्रियों ने सभी बातों को गंभीरता और ध्यानपूर्वक सुना. उन्होंने कहा कि छात्रों की बातें और उनके तर्क पूरी तरह उचित हैं. उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री तक सभी मांगों और तथ्यों को पूरी संवेदनशीलता के साथ पहुंचाया जाएगा.
प्रतिनिधिमंडल का दावा है कि सरकार ने माना कि यह केवल वर्तमान छात्रों का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है.
समाचार एजेंसी पीटीआई से वार्ता में शामिल एक छात्र ने कहा है कि सरकार के मंत्रियों ने पूरी संवेदनशीलता से हमारी मांगों को सुना है. उन्होंने ये भी कहा है कि मुख्यमंत्री को इन मांगों से अवगत करायेंगे. साथ ही छात्र ने कहा कि जब तक उनकी मांगें मानी नहीं जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा.
छात्रों के प्रतिनिधमंडल ने यह भी कहा कि सरकार से हमारी बहुत अच्छी तरीके से वार्ता हुई है. हमने अपनी मांगों को रखा है और मंत्रियों की तरफ से कहा गया है,कि हम आपकी मांगों पर विचार कर रहे है.
फिलहाल सरकार की ओर से मांगों पर सकारात्मक पहल और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है.
हालांकि, छात्र स्पष्ट करना चाहते हैं कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है. 10 अगस्त तक संबंधित सभी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें पूरा किया जाना चाहिए. फिलहाल आंदोलन जारी रहेगा.
वार्ता के बाद क्या कहा मंत्रियों ने
वार्ता खत्म होने के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों के साथ वार्ता सकारात्मक रही है. सरकार के समक्ष छात्रों ने जो मांग रखी है, उस पर हमलोग विचार कर रहे हैं.
वार्ता में शामिल ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका सिंह पांडेय ने एक्स पर कहा है, “रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में झारखंड सरकार द्वारा गठित समिति और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच सकारात्मक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सार्थक संवाद हुआ. बैठक के दौरान छात्र प्रतिनिधियों ने अपनी चिंताओं, सुझावों और मांगों को विस्तार से रखा. समिति के सदस्यों ने उनकी प्रत्येक बात को गंभीरता, संवेदनशीलता और पूरी गंभीरता के साथ सुना। सरकार छात्रों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है और उनकी जायज़ मांगों पर सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ विचार करते हुए समाधान की दिशा में सार्थक पहल करेगी.”
