रांचीः उत्तराखंड के चमोली जिले के मायापुर, पीपलकोटी स्थित विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार की शाम लगभग अचानक पानी एवं मलबा भर जाने के बाद हुए हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के श्रमिक विजय हांसदा का शव उनके पैतृक गांव पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया प्रखंड अंतर्गत पलसबनी गांव के लिए रवाना किया जा रहा है.
पीआरडी, झारखंड ने हादसे और झारखंड सरकार द्वारा बचाव तथा राहत को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया है कि घटना में झारखंड के कुल सात श्रमिक प्रभावित हुए हैं. जबकि पूर्वी सिंहभूम के जय हांसदा की इस हादसे में मृत्यु हो गई है. मृतक के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक उनके पैतृक गांव पहुँचाने हेतु कंपनी प्रशासन तथा परिजनों के साथ निरंतर समन्वय बनाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. एंबुलेंस के माध्यम से पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव के लिए रवाना किया जा रहा है.
झारखंड के पांच श्रमिक घायल
सरकार की ओर बताये गया है कि दुर्घटना में झारखण्ड के कुल पांच श्रमिक घायल हुए हैं जिनका इलाज निकटवर्ती अस्पतालों में चल रहा है. घायलों में खूँटी जिले के तपकरा निवासी हाबिल गुड़िया, तोरपा निवासी निथिर भिंगरा तथा सुरुने निवासी दीना बेगरा शामिल हैं, जिन्हें हल्की चोटें आई हैं.
इनके अलावा गुमला जिले के कटकाही निवासी विनोद रावना का दाहिना पैर टूट गया है तथा पूर्वी सिंहभूम जिले के डूगरिया निवासी खेला राम बिसरा गंभीर रूप से घायल हैं. सभी घायलों को त्वरित व समुचित चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.
बताया गया है कि दुर्घटना के समय सुरंग में कुल 29 श्रमिक कार्य में लगे हुए थे, जिनमें से सात श्रमिकों की मृत्यु हो गई है, 19 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है तथा तीन श्रमिक अभी भी लापता एवं सुरंग में फंसे हुए हैं, जिनका रेस्क्यू कार्य निरंतर जारी है.
