रांचीः बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है.
उनकी ओर से दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी. ईडी कोर्ट ने 21 सितंबर को उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जांच जारी रहने तक आरोप गठन को टालने की मांग की गई थी.
हेमंत सोरेन की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर पीएमएलए एक्ट की धारा 44 (1) (डी) के प्रवधान के तहत ट्रायल करने का अनुरोध किया गया है.
इस धारा के अनुसार जैसे सेशन ट्रायल यानी किसी भी मामले की जांच पूरी होने के बाद ही ट्रायल शुरू होता है. उसके अनुरूप ही मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी कोर्ट में ट्रायल शुरू करने की मांग की गई है.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए कोर्ट के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी.
हस्तक्षेप याचिका खारिज हो चुकी है
गौरतलब है कि इससे पहले हेमंत सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में दायर हस्तक्षेप याचिका खारिज हो चुकी है.
उस याचिका में उनके डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज करने के विशेष अदालत के आदेश पर रोक लगाने का आग्रह किया गया था.साथ ही ट्रायल कोर्ट में मामले की आगे की कार्यवाही पर भी रोक लगाने की मांग की गई थी.
हाईकोर्ट ने इन मांगों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी थी.
गौरतलब है कि यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल में 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और दस्तावेजों में हेरफेर से जुड़ा है. इस मामले में 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन किया जा चुका है.
इधर आरोप गठन को लेकर ईडी कोर्ट ने 30 सितंबर की तारीख दी है. उससे पहले हेमंत सोरेन ने एक बार फिर उच्च अदालत का रुख किया है.
