रांचीः आदिवासी एकता महाजुटान रैली कोर कमेटी के सदस्य ग्लैडसन डुगडुंग ने रांची के मोराबादी मैदान में 30 अगस्त को आयोजित आदिवासी महाजुटान को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने आदिवासियों को धोखा दिया और रैली पर कब्जा करने की कोशिश की.
परिमीसन के मुद्दे पर इस महाजुटान में आदिवासियों की बड़ी भीड़ जुटी थी. और पूर्व मंत्री तथा कांग्रेस के नेता बंदु तिर्की के नेतृत्व में यह महाजुटान हुआ था. मंच पर अगली कतार में झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के राजू प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, सरकार में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की समेत कांग्रेस के कई विधायक मौजूद थे. उन्हें बारी-बारी से बोलने का मौका भी दिया गया.
हालांकि इस महाजुटान में ग्लैडसन डुंगडुंग समेत कई आदिवासी नेता भी शामिल हुए थे. रैली के बाद डुंगडुंग ने
कांग्रेस नेताओं पर रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित ‘आदिवासी एकता महाजुटान के मंच पर कब्जा करने और आदिवासियों को धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया है.
धोखा देना कांग्रेस के डीएनए में शामिल
ग्डलैडसन का आरोप है कि विभिन्न गैर-राजनीतिक आदिवासी संगठनों द्वारा आयोजित इस रैली के मंच को कांग्रेसी नेताओं ने अपने नियंत्रण में ले लिया. राजनेताओं ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी प्रतिनिधियों के बोलने का समय भी छीन लिया.
सोशल मीडिया पर उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि गैर-राजनीतिक बैनर के तहत जुटी भीड़ का राजनीतिकरण करके नेताओं ने यह साबित कर दिया कि आदिवासियों को धोखा देना कांग्रेस के डीएनए में है.
ग्लैडसन ने कहा कि अगर कांग्रेस में इतनी ही हिम्मत थी, तो उन्हें यह रैली ‘आदिवासी कांग्रेस’ के बैनर तले आयोजित करनी चाहिए थी, तब उन्हें अपनी वास्तविक जमीनी ताकत का अंदाजा हो जाता.
उन्होंने कहा, “कांग्रेस के नेताओं को सच का सामना करना पड़ेगा क्योंकि आदिवासी नेता बंधु तिर्की को आगे करके कांग्रेस पार्टी ने हम आदिवासियों के आंखों में धूल झोंका है. हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे. कांग्रेस पार्टी को एक्सपोज किया जाएगा.”
हालांकि महाजुटान के आयोजकों में किसी प्रतिनिधि अथवा बंधु तिर्की ने ग्लैडसन की टिप्पणी का फिलहाल जवाब नहीं दिया है. उधर बीजेपी पहले से आरोप लगाती रही है कि इस महाजुटान को खुलकर मिशनरियों का समर्थन था.
