हजारीबागः झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता पनेश्वर कुमार महतो हजारीबाग के कनहरी हिल के निकट मिले हैं.
पनेश्वर महतो के मिलने के बाद रामगढ़ पुलिस हजारीबाग सदर अस्पताल में उनका मेडिकल करा रही है.
पनेश्वर के मिलने की खबर मिलते ही जेएलकेएम के पदाधिकारी और समर्थक बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए हैं.
पनेश्वर कुमार महतो रामगढ़ के कैथा निवासी हैं. 2024 के विधानसभा चुनाव में लगभग 70 हजार वोट लाकर वे चर्चा में आए थे. हालांकि वे चुनाव हार गए थे.
जानकारी के मुताबिक एक एक सितंबर की रात करीब 10 बजे के बाद लापता हो गए थे. सूचना मिलने के बाद समर्थकों द्वारा पूरी रात उनकी तलाश की गई.
रमगढ़ पुलिस भी सक्रिय हुई. खुद को पुलिस बताकर पानेश्वर महतो का अपहरण करने वाले लोग कौन थे और इसके पीछे उनका मकसद क्या था, रामगढ़ पुलिस इसकी जांच कर रही है.
रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूणायत ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है.
प्रताड़ित करने का आरोप
पनेश्वर महतो का कहना है कि एक सितंबर की रात करीब 10 बजे एक सफेद बोलेरो, जिस पर काला शीशा लगा था. पुलिस वाले हैं, बोलकर उन्हें जबरन गाड़ी में बैठाया गया.
इसके बाद उन्हें नेशनल हाईवे के फोरलेन रास्ते से हजारीबाग की ओर ले जाया गया.
उन्होंने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि यह पुलिस की गाड़ी है और उन्हें छोड़ दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
वाहन में पांच लोग सवार थे, जो उन्हें हजारीबाग ले गए. आरोप है कि रात भर उन्हें प्रताड़ित और डराने-धमकाने की कोशिश की गई. साथ ही उनसे कहा गया कि पार्टी की गतिविधियों, खासकर कोयला-बालू से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता ठीक नहीं है.
भोर में जंगल में छोड़ा गया
पनेश्वर महतो के अनुसार, सुबह करीब 4:30 बजे उन्हें जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया. इसके बाद उन्होंने आसपास के लोगों से मदद मांगी.
एक स्थानीय व्यक्ति ने उन्हें फोन दिया, जिससे उन्होंने अपने सहयोगी आनंद केटियार को सूचना दी. इसके बाद समर्थकों की मदद से उन्हें हजारीबाग सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज और जांच जारी है.
