रांचीः झारखंड में आदिवासियों के लिए रिजर्व लोहरदगा से सांसद सुखदेव भगत को कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी बनाया है.
सुखदेव भगत झारखंड प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने लोहरदगा से जीत दर्ज की थी.
राजनीति में आने से पहले राज्य प्रशासनिक सेवा में रहे सुखदेव भगत 2005 में पहली बार लोहरदगा से विधायक बने थे.
छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाए जाने पर सुखदेव भगत ने नेतृत्व के प्रति आभार प्रकट किया है. साथ ही कहा है, “मुझे एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी गई है— जितना मैं डिजर्व नहीं करता था उससे ज्यादा जिम्मेदारी दी गई है इसलिए, मैं पार्टी के भरोसे को बनाए रखने के लिए पूरी लगन और ईमानदारी से काम करने का वादा करता हूं. मेरा मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बने.”
क्या है चुनौतियां
सुखदेव भगत के सामने छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन को बूथ स्तर पर दोबारा सक्रिय करने और गुटबाजी से दूर रखकर कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की बड़ी चुनौती होगी. आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए माना जा रहा है कि नया प्रभारी नियुक्त होने के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस में आने वाले दिनों में कुछ और सांगठनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
बड़ा फेरबदल
गौरतलब है कि कांग्रेस आलाकमान ने अपने संगठनात्मक ढांचे में एक बड़ा फेरबदल करते हुए पार्टी के प्रमुख पदों की जिम्मेदारियों में तब्दीली की है.
पंजाब कांग्रेस में जारी आतंरिक खींचतान और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट की लगातार नाराजगी के बाद भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटा दिया गया है.
भूपेश बघेल को अब असम का नया महासचिव प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि उनकी जगह छत्तीसगढ़ के प्रभारी रहे सचिन पायलट को पंजाब की कमान सौंप दी गई है.
जबकि रणदीप सुरजेवाला को गुजरात के साथ कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है. डॉ. सिरीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी. वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है.
