छात्रों के मुद्दों को लेकर झारखंड में सत्तारूढ़ दलों के नेताओं के के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मुलाकात कर छात्र आंदोलन से जुड़े पूरे मामले की जानकारी दी. साथ ही छात्रों की आड़ में राजनीति करने वालों और अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
मुख्य सचिव से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए गठबंधन नेताओं ने कहा कि सरकार की छात्रों के प्रति पूरी तरह संवेदनशीलता और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.
झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने छात्र और असामाजिक तत्वों को अलग-अलग चिन्हित कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके लिए मुख्य सचिव को वीडियो फुटेज भी सौंपे गए हैं, ताकि प्रमाण के आधार पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके.
गठबंधन के नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक तत्वों द्वारा आंदोलन को भटकाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी छात्र की संलिप्तता अराजकता में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.
बीजेपी माहौल को खराब कर रही
झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि छात्रों और अराजक तत्वों को एक नजर से नहीं देखा जाना चाहिए. आंदोलन में शामिल हर व्यक्ति की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की जाए और जिसकी भूमिका अराजकता फैलाने में सामने आए, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई हो. उन्होंने कहा कि सरकार को बदनाम करने के लिए छात्र आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती.
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के अलग-अलग विंग ने छात्र आंदोलन की आड़ में स्थिति को बिगाड़ने की कोशिश की. भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों के वास्तविक सवालों का समाधान निकालने के बजाय विपक्षी दल माहौल को उग्र कर सरकार को बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं.
दोषी छात्र पर भी हो कार्रवाई
विनोद पांडेय ने कहा कि यदि जांच में कोई छात्र भी अराजक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो केवल छात्र होने के आधार पर उसे संरक्षण नहीं मिलना चाहिए. दोष साबित होने पर छात्र हो या राजनीतिक कार्यकर्ता, सभी पर समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए.
गठबंधन के नेताओं ने चेतावनी दी कि अराजक तत्वों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनका मनोबल बढ़ेगा और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रहेगी.
मुख्य सचिव से मिलने वालों में महासचिव विनोद कुमार पांडेय के अलावा जेएमएम के विधायक विकास मुंडा, एमटी राजा, सुदीप गुडिया, कांग्रेस के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक राजेश कच्छप, सुरेश बैठा, ममता देवी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर और आरजेडी के मनोज कुमार, आबिद अली शामिल थे.
दो सितंबर को बीजेपी नेताओं ने मांग रखी थी
गौरतलब है कि दो सितंबर को झारखंड प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के मुख्य सचिव से मिलकर ज्ञापन सौंपा है.
इस ज्ञापन के माध्यम से JPSC-JSSC द्वारा ली गई विभिन्न परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच कराने और झारखंड के विभिन्न थानों में छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे अविलंब रद्द करने की मांग की गई है.
बीजेपी ने यह भी कहा है कि पार्टी की मांग पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन का रुख अख्तियार किया जाएगा.
