रांचीः झारखंड के सिंहभूम स्थित सारंडा में सक्रिय रहे माओवादी दंपती सहित तीन ने गुरुवार को बंगाल के बांकुड़ा में आत्मसमर्पण कर दिया है.
इन माओवादियों में 15 लाख का इनामी रीजनल कमेटी सदस्य रामप्रसाद मार्डी, उसकी पत्नी 10 लाख की इनामी जोनल कमेटी सदस्य मीता उर्फ नयनतारा और एक अन्य महिला माओवादी एक लाख की इनामी माओवादी सदस्य बुलु उर्फ गौरी शामिल हैं.
तीनों की माओवादी झारखंड में सक्रिय रहे और सुरक्षा बलों के लिए लंबे समय तक चुनौती बने रहे. झारखंड में माओवादी विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों की जब दबिश बढ़ी तो तीनों ने राज्य से सटे बंगाल के बांकुड़ा में जाकर आत्मसमर्पण कर दिए.
अब बंगाल व झारखंड की पुलिस तीनों ही माओवादियों से शेष बचे माओवादियों, उनके हथियार व कारतूस के ठिकानों आदि की जानकारी जुटा रही है. आत्मसमर्पण करने वाले रामप्रसाद मार्डी के विरुद्ध झारखंड के विभिन्न थानों में कुल 44 कांड दर्ज है.
एके-47 भी पुलिस के हवाले
राम प्रसाद मार्डी को संगठन का महत्वपूर्ण सदस्य माना जाता था. वह माओवादी संगठन में रीजनल कमेटी सदस्य (RCM) के पद पर सक्रिय था. उस पर इनाम घोषित था. सरेंडर के दौरान राम प्रसाद ने अपनी एके 47 राइफल के साथ सरेंडर किया है.
राम प्रसाद मूल रूप से झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा का रहने वाला है, लंबे समय से वह माओवादी संगठन से जुड़कर झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था.
संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होने के कारण उसकी गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए लगातार चुनौती बनी हुई थीं.
