रांचीः रांची में संचालित एक प्राइवेट ट्यूलिप हॉस्पिटल के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के निर्देश पर रांची सिविल सर्जन ने अस्पताल के पंजीकरण/लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया है.
यह निलंबन विस्तृत जांच पूरी होने और सक्षम प्राधिकारी के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। कार्रवाई क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एवं रेगुलेशन) अधिनियम, 2010 और झारखंड क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स नियम, 2013 के तहत की गई है.
निलंबन अवधि में अस्पताल में नए ओपीडी मरीजों का पंजीकरण एवं इलाज, मरीजों की भर्ती तथा नई इलेक्टिव सर्जरी और अन्य नई क्लिनिकल सेवाओं पर रोक लगा दी गई है. अस्पताल प्रबंधन को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है.
मरीज के साथ बदसलूकी
10 सितंबर को अस्पताल में मरीज के साथ कथित बदसलूकी की घटना को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के निर्देश पर रांची सिविल सर्जन ने अस्पताल के पंजीकरण/लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से अंतरिम रूप से निलंबित कर दिया है.
हालांकि, पहले से भर्ती मरीजों के इलाज पर रोक नहीं लगाई गई है. अस्पताल प्रबंधन को सभी भर्ती मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर संबंधित अस्पतालों के समन्वय से उनका सुरक्षित स्थानांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया है.
सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का आदेश
स्वास्थ्य विभाग ने 10 सितंबर की घटना से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है. इनमें मरीजों की केस शीट, OPD/IPD रजिस्टर, उपचार संबंधी दस्तावेज, सहमति पत्र, जांच रिपोर्ट, ड्यूटी रोस्टर, उपस्थिति रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक डेटा शामिल हैं. रिकॉर्ड से छेड़छाड़ या साक्ष्य नष्ट करने पर गंभीर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं: मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने कहा कि अस्पतालों का काम मरीजों को बेहतर और सम्मानजनक इलाज उपलब्ध कराना है, न कि मरीजों या उनके परिजनों के साथ दबंगई या दुर्व्यवहार करना.
मंत्री ने कहा कि किसी भी निजी अस्पताल द्वारा नियमों की अनदेखी, मरीजों के अधिकारों का उल्लंघन या अमानवीय व्यवहार किए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
हालांकि अस्पताल के संचालक ने इन आरोपों को निराधार बताया है.
