तहलका के एडिटर-इन-चीफ़ रहे तरुण तेजपाल ने रेप के मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद गोवा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ इसके बाद उन्हें कोलावाले सेंट्रल जेल भेज दिया गया.
पीटीआई के मुताबिक़, उन्होंने कहा, “मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हम सुप्रीम कोर्ट में हैं, हमें यकीन है कि न्याय मिलेगा.”
तरुण तेजपाल को पिछले महीने बॉम्बे हाई कोर्ट ने रेप के मामले में 10 साल जेल की सज़ा सुनाई है.
नवंबर 2013 में तरुण तेजपाल के ख़िलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया था. सेशन कोर्ट से साल 2021 में तेजपाल को बरी किए जाने के फ़ैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया था.
इस फ़ैसले को तरुण तेजपाल ने सुप्रीम में चुनौती दी है.
नवंबर 2013 में गोवा के एक फ़ाइव स्टार होटल में ‘तहलका’ मैगज़ीन का कार्यक्रम था.
इसी कार्यक्रम के दौरान एक युवा महिला सहकर्मी ने (भारतीय क़ानून के तहत जिनका नाम ज़ाहिर नहीं किया जा सकता) तरुण तेजपाल पर होटल की एक लिफ़्ट के अंदर उन पर यौन हमला करने का आरोप लगाया.
तेजपाल ने शुरू में कहा कि उनसे ‘फ़ैसला करने में ग़लती हुई’ और ‘उन्होंने हालात का ग़लत अर्थ समझा’ जिसकी वजह से ‘ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई.’
