धनबादः झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख और डुमरी से विधायक जयराम महतो के मामले में अग्रिम जमानत की याचिका मंजूर कर ली गई है.
इससे पहले जयराम की अग्रिम जमानत याचिका पर 10 सितंबर को एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया था.
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अग्रिम जमानत पर आदेश के लिए 14 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की थी.
जयराम महतो की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता शाहनवाज ने बताया है कि कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली है.
उन्होंने बताया है कि इस मामले में विधायक जयराम महतो के साथ सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल को भी अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान की गई है.
जयराम को अग्रिम बेल मिलना उनके लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है. उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलके की नजरें टिकी थीं.
22 अगस्त को प्राथमिकी
बरवाअड्डा थाना में डुमरी विधायक और उनके समर्थकों और बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच हुई झड़प के आरोप में थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत पर 22 अगस्त को जयराम महतो समेत 10 लोगों के खिलाफ कांड संख्या 146/26 दर्ज किया गया है.
प्राथमिकी में बाकी नौ लोगों में दिलीप चौधरी, सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, रंजीत कुमार, राजेश महतो शामिल हैं. साथ ही 4-50 लोग अज्ञात हैं.
इन पर सरकारी काम में बाधा, लोकसेवक के साथ धक्का मुक्की, गाली-गलौज करने और धमकाने का आरोप है.
प्राथमिकी में आरोप है कि गणेश दास को एक मामले में गिरफ्तार कर बरवाअड्डा थाना की हाजत में रखा गया था. उसकी गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद विधायक जयराम महतो करीब 40-50 समर्थकों के साथ थाना पहुंचे.
आरोप है कि विधायक ने पुलिस पदाधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया और अपने समर्थकों से हाजत में बंद गणेश दास को बाहर निकालने के लिए कहा.
जयराम के समर्थक हाजत की ओर बढ़ने लगे. उन्हें रोकने के दौरान विधायक ने उन्हें धक्का दिया.
निराधार बताते रहे
हालांकि जयराम इन आरोपों को मनगढ़ंत और बेबुनियाद बताते रहे हैं.
उनकी ओर से कोर्ट में भी आरोपों को आधारहीन बताते हुए अग्रिम जमानत की सुविधा देने का आग्रह किया गया था. शाहनवाज ने दलील देते हुए कहा कि राजनैतिक प्रतिशोध के कारण उन्हें इस मुकदमे में झूठा फंसाया गया है,
इस मामले में विधायक जयराम महतो, सुशील मंडल, महेंद्र साव और राजकुमार मंडल की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी.
एमपी-एमएलए कोर्ट ने पहले केस डायरी मांगी थी. 10 सितंबर को केस डायरी पर दोनों पक्षों की दलीलों को सुना गया था.
