एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने समान नागरिक संहिता को लेकर प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने मंगलवार को भोपाल में पत्रकारों से कहा, “अगर टीडीपी, जेडीयू, कुमारस्वामी, चिराग पासवान और जयंत चौधरी पूरी तरह बीजेपी की विचारधारा के साथ खड़े हो गए हैं, तो यह अलग बात है. लेकिन अगर बीजेपी के साथ उनके अभी भी कुछ मतभेद हैं, तो उन्हें इसका विरोध करना चाहिए.”
उन्होंने कहा , ”बाबासाहेब आंबेडकर के बनाए गए संविधान में अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के तहत हमें अपने-अपने धर्म का पालन करने का अधिकार दिया गया है. उत्तराखंड से शुरू हुई समान नागरिक संहिता (यूसीसी) अब गुजरात और असम तक पहुंच गई है. यह गैर-हिंदुओं पर हिंदू उत्तराधिकार कानून, हिंदू विवाह कानून और हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण से जुड़े कानून थोपने की कोशिश है.”
उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल गलत है. एक धर्म के कानून को दूसरे धर्म के लोगों पर लागू करना समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के ख़िलाफ़ है. इसलिए हम इसका विरोध कर रहे हैं.”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि 2029 से पहले बीजेपी और उसके सहयोगियों के शासित सभी 22 राज्यों में यूसीसी लागू कर दिया जाएगा.
