रांचीः प्रस्तावित परिसीमन के मुद्दे पर आदिवासी संगठनों से जुड़े एक प्रतिनिधमंडल ने बंधु तिर्की के नेतृत्व में लोकभवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिलकर अपनी चिंता से अवगत कराया है.
राज्य की पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में प्रस्तावित परिसीमन को लेकर आदिवासी संगठनों ने चिंता जताते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मिलकर ज्ञापन सौंपा है. समाजसेवियों का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल था.
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को ज्ञापन सौंपते हुए शिष्टमंडल ने परिसीमन में केवल जनसंख्या को आधार नहीं बनाने और पांचवीं अनुसूची की संवैधानिक भावना को ध्यान में रखने का आग्रह किया है. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को परिसीमन से जुड़ी आशंकाओं और आदिवासी समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों की जानकारी दी.
राज्यपाल से मिलने के बाद लोक भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन को लेकर जो आशंका जताई जा रही है, उससे राज्यपाल को अवगत कराया गया है. इसके साथ ही आदिवासियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई है. इस में डेमोग्राफी का भी मामला है क्योंकि यहां के डेमोग्राफी में बदलाव आया है. ट्राइबल सब प्लान, सीएनटी एक्ट, पेसा कानून जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी बात हुई है.
उन्होंने कहा कि दो अलग-अलग पहलुओं से राज्यपाल को अलग कराया गया है. पहला- संवैधानिक पहलू का ख्याल और दूसरा यहां की जमीनी स्थिति में बताया है कि जनसंख्या में कमी पलायन और विस्थापन जैसे मामलों का भी यहां असर पड़ा है.
उन्होंने कहा कि अगर परिसीमन में सिर्फ आबादी को आधार आधार बनाया गया और इन तमाम पहलू पर राज्य सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में आदिवासियों को बड़ा नुकसान हो सकता है.
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार से हम लोग मिलेंगे और इन संवैधानिक पहलुओं को सामने रखेंगे. इसके साथ ही राज्य के सांसदों से भी मिलेंगे और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे पर बात करेंगे.
