रांचीः झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय के सभागार में पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने बुधवार को अपना कार्यभार संभाला. इस मौके पर विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी समेत कई प्रमुख नेता और मोर्चा के कार्यकर्ता मौजूद थे.
इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष सन्नी टोप्पो ने इस जिम्मेदारी के लिए केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक छोटे कार्यकर्ता को संगठन में इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है.
उन्होंने कहा कि संगठन के साथ आदिवासी समाज की पारंपरिर रीति रिवाज को सुरक्षित और संरक्षित रखने की भी जरूरत है. आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन को आज लूटा जा रहा है. उसे भी बचाना हमारी ही जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि 2029 की आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा को विजय दिलाने के लिए जनजाति समाज कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगा.
सभी जनजाति समाज को जोड़ेः बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी ने पदग्रहण समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि सन्नी टोप्पो जनजाति समाज के बीच भाजपा के संगठन को और अधिक मजबूत करेंगे. उन्होंने सन्नी से आग्रह करते हुए कहा कि अपनी टीम का गठन आप राज्य में 35 जनजाति समाज को साथ लेकर करें.
उन्होंने कहा कि समाज में कई समस्याऐं हैं, जो हमारे लिए चुनौती है, यह चुनौती पारंपरिक नहीं है बल्कि कृत्रिम समस्या है. झामुमो और कांग्रेस के द्वारा वर्षो तक आदिवासी समाज को लूटा और ठगा गया है.
उन्होंने झामुमो और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड बहुत पहले ही अलग राज्य बन जाता लेकिन कांग्रेस और झामुमो के बीच सौदेबाजी ने आंदोलन को बेचने का काम किया.
उन्होंने झारखंड में घटती आदिवासी जनसंख्या पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि आदिवासी आबादी 35 प्रतिशत से घटकर 26 प्रतिशत में आ गई है. जबकि मुस्लिम आबादी 14 प्रतिशत बढ़ गयी है. इस घटती आबादी को चुनौती बताते हुए कहा कि आज अगर हम नहीं चेते तो जनजातियों की संख्या धीरे धीरे समाप्त हो जाएगी. यह हमारे सामने बहुत बड़ी चुनौती है.
पदभार ग्रहण समारोह को संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व सांसद समीर उरांव ने भी संबोधित किया.
कार्यक्राम का संचालन विंदेश्वर उरांव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन रवि मुंडा ने किया. इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय,सुनील सोरेन, पूर्व सांसद सुदर्शन भगत, मुनेश्वर साहू, अशोक बड़ाइक, आरती कुजूर,रामकुमार पाहन, गंगोत्री कुजूर, रमेश सिंह, मुख्य पाहन जगलाल पाहन समेत जनजाति समाज के कई लोग एवं पार्टी के नेता उपस्थित रहे.
