रांची: रांची से करीब 65 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे सिल्ली विधानसभा क्षेत्र में गोड़ाडीह पंचायत के ब्राह्मणी खेरबेड़ा डेम शनिवार दोपहर अचानक टूट गया. डैम के टूटने से आसपास के गांवों में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसलें बर्बाद हो गई हैं. किसानों में हाहाकार मचा है.
जल संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2010-11 में बनाए गए करीब 13 एकड़ क्षेत्र में फैले डेम के टूटने से देखते ही देखते पानी के तेज बहाव में आसपास के खेतों में फैल गया.
स्थानीय लोगों ने बताया है कि खेरबेड़ा, बा्राह्मणी गोड़ाडीह, पलाशडीह, रिगड़ीआम, सातपालु, पेनटोला, निमटोला आदि गांवों के सैकड़ों एकड़ खेत जलमग्न हो गए और धान समेत मक्का, सब्जी और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है.
डैम का पानी आसपास के कई गांवों में भी घुस गया है. हालांकि इसमें किसी तरह की जानमाल का नुकासन नहीं हुआ है.

ग्रामीणों ने बताया कि डैम की समय पर मरम्मत कराई जाती तो यह स्थिति नहीं आती. किसानों ने प्रशासन से तत्काल फसल क्षति का सर्वे कराने, नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने तथा डैम की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है.
इस डैम को रानीहारा और बमहनी पहाड़ी की तराई में बनाया गया था. यहां पहाड़ों से बहकर आने वाला बारिश का पानी जमा होता था. इसबार यह डैम लबालब भर गया था. लेकिन ज्यादा दवाब पड़ने की वजह से बांध टूट गया. पानी का बहाव इतना तेज था कि थोड़ी ही देर में चेकडैम का करीब 30-40 फीट हिस्सा बह गया.
ग्रामीणों ने बताया कि डैम में मछलियां भी थीं, जो बह गईं. चेक डैम के टूटने की खबर आग की तरह आसपास के गांवों में फैली. देखते ही देखते आसपास के लोग पुल पर पहुंच गये. स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन के लोग नुकसान का मुआयना करने आए थे.
