एशियन गेम्स के पुरुष हॉकी मुकाबले में भारतीय टीम ने मलेशिया 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीत लिया है.
इस जीत के साथ ही भारतीय पुरुष हॉकी टीम लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़ाई कर गई.
गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब पर कब्जा बरकरार रखा.
शनिवार को खेले गए फ़ाइनल के पहले क्वार्टर के आख़िरी क्षणों में बराबरी का गोल करने के बाद मलेशिया ने दूसरे क्वार्टर में दबाव बनाने की कोशिश की थी.
हालांकि हाफ़टाइम के बाद भारतीय टीम पूरी आक्रामकता के साथ मैदान पर उतरी और खेल की कमान अपने हाथ में ले ली.
तीसरे क्वार्टर में भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जब मलेशियाई डिफेंडर ने सर्कल के अंदर गेंद को रोकने की कोशिश की. इसके बाद भारत ने लगातार आक्रमण जारी रखा और मलेशियाई रक्षा पंक्ति को दबाव में रखा.
इस दौरान कप्तान हरमनप्रीत सिंह के ड्रैग फ़्लिक पर गेंद मलेशियाई खिलाड़ी से टकराकर बाहर चली गई. अंपायर ने पहले रीटेक का फ़ैसला दिया, लेकिन मलेशिया के रिव्यू के बाद यह निर्णय पलट दिया गया.
भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन जुगराज सिंह का ड्रैग फ़्लिक क्रॉसबार के ऊपर से निकल गया और भारत चौथा गोल नहीं कर सका.
तीसरे क्वार्टर की समाप्ति तक भारत ने मलेशिया पर 3-1 की बढ़त बना ली थी. फिर इस प्रदर्शन को जारी रखते हुए दो और गोल करके मैच जीत लिया.
पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता गोल्ड
एशियन गेम्स के इस संस्करण में भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है. भारतीय महिला टीम ने शुक्रवार को फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया और 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया. भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में 1982 के बाद पहली बार गोल्ड मेडल जीता.
