मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच झारखंड में भी हल्लाबोल जारी है. इसी सिलसिले में मंगलवार को युवा कांग्रेसियो ने रांची स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय का घेराव किया. ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कार्यालय की दीवारों पर नारे भी लिखे.
उधर गिरिडीह में भी कांग्रेस और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.
युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता, झंडे, बैनर के साथ निर्वाचन कार्यालय घेरने पहुंचे थे. इससे पहले पुलिस ने बैरिकेड लगा रखे थे.

गिरिडीह में झंडा मैदान से निकला मार्च
उधर गिरिडीह जिला मुख्यालय में भी कांग्रेस और भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर झंडा मैदान से विरोध मार्च निकाला.
झंडा मैदान से निकला मार्च नटराज चौक स्थित बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के पास पहुंचा. यहां नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इसके बाद मार्च शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए यह मार्च आगे बढ़ा.
मार्च में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया, पार्टी के प्रदेश महासचिव सुरेंद्र सिंह, माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह, धनंजय सिंह, मुखिया मो. समीम, राजेश सिन्हा समेत कांग्रेस और माले के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए.
‘SIR के नाम पर लोगों के नाम काटे गए’
पूर्व विधायक विनोद सिंह ने कहा है कि फॉर्म- 6 को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद ज्ञानेश कुमार को कुर्सी पर बने रहने का हक नहीं है. देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच बीजेपी का सीईसी का बचाव करना भी दोनों की सांठ-गांठ का साफ संकेत है.
विनोद सिंह ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने एसआईआर के नाम पर लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने का काम किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि फॉर्म-6 के नाम पर नई प्रक्रिया लागू की गई, जिसका सुप्रीम कोर्ट में भी विरोध दर्ज कराया गया है।
ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार किया जाए
सभा को संबोधित करते हुए माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयोग की संवैधानिक भूमिका के साथ न्याय नहीं किया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी तरीके से चुनाव कराकर भाजपा को लाभ पहुंचाने का काम किया गया, जिसका अब खुलासा हो चुका है. उन्होंने कहा कि ऐसे में ज्ञानेश कुमार को तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
