रांचीः झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की अदालत ने तलाक से जुड़े 10 साल पुराने एक मामले में फैसला सुनाते हुए पति को अपनी पहली पत्नी को 20 लाख रुपये स्थायी गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है
यह राशि पति को 12 महीने के भीतर चार समान किस्तों में चुकानी होगी.
जमशेदपुर फैमिली कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ महिला की ओर से हाईकोर्ट में अपील याचिका दायर की गई थी.
2018 में कर ली दूसरी शादी
मामला टाटा मोटर्स के कर्मचारी और उनकी पत्नी का है. दोनों का विवाह वर्ष 2003 में हुआ था. फैमिली कोर्ट से तलाक मिलने के बाद पति ने 2018 में दूसरी शादी कर ली थी।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पत्नी पक्ष ने केवल गुजारा भत्ते की मांग की, क्योंकि पति के दूसरी शादी कर लेने से साथ रहने की गुंजाइश खत्म हो चुकी थी. पति के वेतन स्लिप के आधार पर अदालत ने पाया कि उसका मासिक वेतन लगभग 47,000 रुपये है.
कोर्ट ने कहा कि महिला की उम्र 47 वर्ष है और उसके पास जीवन यापन का कोई दूसरा साधन नहीं है। ऐसे में 20 लाख रुपये की राशि गुजारा भत्ता के तौर पर देना होगा.
