दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि वह 16 अक्तूबर को कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए ‘हर संभव कदम’ उठाएगी.
यह प्रदर्शन पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बुलाया गया है. सौरव और रांका को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.
इस बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नागरिकों से 16 अक्तूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगे के साथ जुटने की अपील की है.
बार एंड बेंच के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ़ जस्टिस नितिन वासुदेव सांबरे और जस्टिस संजय शर्मा की पीठ के सामने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने पुलिस की ओर से ये बात कही.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता की आशंकाओं पर ध्यान दिया जाएगा. संबंधित पक्षों ने सीजेपी और उसके फ़ाउंडर अभिजीत दीपके की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए पहले ही पर्याप्त कदम उठाए हैं. ज़रूरत पड़ने पर क़ानून के मुताबिक़ सभी संभव कदम उठाए जाएंगे.
चेतन शर्मा ने कोर्ट से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या आदेश में दीपके के साथ उनके सहयोगी भी शामिल होंगे. उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर दीपके पर रोक लगने के बावजूद उनके सहयोगी गतिविधियां जारी रख सकते हैं.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश में सीजेपी के पदाधिकारी और अन्य सभी लोग शामिल होंगे.
अनिल कुमार गुप्ता ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी.
