केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नई दिल्ली स्थित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) मुख्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में सीबीएसई कक्षा 12वीं की मूल्यांकन और परीक्षा परिणाम के बाद की प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई.
धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रों को हो रही समस्याओं का समाधान समयबद्ध, पारदर्शी और छात्र हितैषी तरीके से किया जाए. उन्होंने कहा कि छात्रों के हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और सभी वास्तविक शिकायतों का जल्द समाधान किया जाएगा.
बैठक में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह,आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी, आईआईटी कानपुर के निदेशक, शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
इसके अलावा एसबीआई, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया.
बैठक में पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसमें छात्र सहायता प्रणाली को मजबूत करने, मूल्यांकन और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा सीबीएसई के डिजिटल प्लेटफॉर्म को अधिक सक्षम और सुगम बनाने पर चर्चा हुई.
12वीं की परीक्षा में
मंत्री को बताया गया कि इस वर्ष लगभग 18 लाख छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी, जिसमें करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाएं और लगभग 40 करोड़ स्कैन किए गए पृष्ठ शामिल थे. अब तक करीब चार लाख छात्र पोर्टल के जरिए लगभग 11 लाख स्कैन उत्तर पुस्तिकाएं देख चुके हैं.
धर्मेंद्र प्रधान ने पोर्टल पर लॉगिन समस्या, सर्वर पर अधिक दबाव और भुगतान संबंधी दिक्कतों की रिपोर्ट पर भी संज्ञान लिया. इसके बाद आईआईटी मद्रास के प्रोफेसरों और डिजिटल सिस्टम विशेषज्ञों की एक तकनीकी टीम को पोर्टल की स्थिरता, सर्वर क्षमता, लॉगिन प्रबंधन और पेमेंट गेटवे की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
