रांचीः झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने अफीम की खेती से प्रभावित जिलों के एसपी से कहा है कि सेटेलाईट इमेज की मदद से यह पता लगाएं कि कहाँ-कहाँ अफीम की खेती की जा रही है. उसे चिन्हित कर उसके विनिष्टिकरण हेतु कार्रवाई तेज करें. साथ ही साथ ही अफीम की खेती करनेवालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें.
अफीम की खेती पर रोकथाम के लिए उन्होंने आम जन के बीच जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया.
पुलिस मुख्यालय स्थित सभागार में डीजीपी ने इस मामले में एक उच्च स्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. साथ ही अवैध अफीम की खेती से प्रभावित जिले राँची, चतरा, पलामू, चाईबासा, हजारीबाग, लातेहार, सरायकेला-खरसावाँ एवं खूँटी के पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से उन्होंने अब तक की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली.
सीआईडी के अपर पुलिस महानिदेशक भी बैठक में मौजूद थे. बैठक में वर्ष 2025 में किये गये अवैध अफीम की खेती के विनष्टिकरण का आकड़ा, पिछले फसलीय वर्ष 2025-2026 में विनष्टिकरण किये गये भूमि के GR के सत्यापन की स्थिति, विनष्टीकरण के संदर्भ में प्रतिवेदित कांडो की अद्यतन स्थिति के अलावा अवैध अफीम की खेती में संलिप्त बड़े तस्करों की पहचान कर की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई.
