रांचीः डॉ डीके सिन्हा ने झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के प्रभारी निदेशक का कार्यभार संभाल लिया है. कार्यभार संभालने के बाद अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों तथा अधिकारियों के साथ बैठक कर इलाज और प्रबंधन की जानकारी ली.
इधर गुरुवार को निदेशक के पद से इस्तीफा देने वाले डॉ राजकुमार ने सरकारी बंगला खाली कर दिया है. साथ ही वे अपने गृह राज्य उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ लौट गए हैं.
गौरतलब है कि डॉ राजकुमार लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्टग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के न्यूरो सर्जरी में प्रोफेसर रहे हैं. झारखंड सरकार ने इंटरव्यू के बाद 31 जनवरी 2024 को उन्हें रिम्स के निदेशक पद पर नियुक्त किया था.
जानें डीके सिन्हा के बारे में
प्रो. डॉ. दिपेंद्र कुमार सिन्हा रिम्स (पूर्व में राजेंद्र चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, राँची) के पूर्व छात्र रहे हैं. उन्होंने यहीं से एमबीबीएस एवं एमएस (सर्जरी) की उपाधि प्राप्त की है.
अपने दीर्घ सेवाकाल के दौरान प्रो. डॉ. सिन्हा ने संस्थान में अनेक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं शैक्षणिक पदों पर कार्य किया है। वे सर्जरी विभागाध्यक्ष, प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष, चिकित्सा अधीक्षक, रिम्स के प्रथम जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) आहरण एवं संवितरण पदाधिकारी (DDO) तथा डीन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएँ दे चुके हैं.
चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उनके दीर्घ एवं समृद्ध अनुभव को देखते हुए सरकारी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है.
24 घंटे में सब कुछ बदल गया
डॉ राजकुमार शुक्रवार की सुबह निदेशक कार्यालय गए, जहां उन्होंने रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ डी के सिन्हा को अपने पद से संबंधित सभी प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंप दीं. वहीं, निदेशक बंगला को खाली करने की विधिवत जानकारी भी उन्होंने संबंधित अधिकारी को दे दी.
इस पूरी प्रक्रिया की उन्होंने वीडियोग्राफी भी करवाई. इसके बाद वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए निकल गए. डॉ राजकुमार अपने साथ अपने बेटे को भी ले गए, जिनकी नियुक्ति ट्यूटर के पद पर हुई है. इस नियुक्ति को लेकर भी कई सवाल उठे थे. बदली परिस्थितियों में चर्चा है कि डॉ राजकुमार अपने बेटे को रिम्स से इस्तीफा भी दिलवा दें.
डॉ. राजकुमार ने कहा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में रिम्स की बेहतरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन उन्हें संस्थान में ‘काम करने का अपेक्षित माहौल नहीं मिला.
सीआइडी के छापे के बाद
बुधवार को रिम्स में नामांकन प्रक्रिया और सफाई से जुड़ी निविदा प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत पर सीआइडी की टीम ने रिम्स में दबिश दी थी. इस दौरान सीआइडी ने डॉ राजकुमार से लंबी पूछताछ की थी. इससे आहत होकर गुरुवार को रिम्स निदेशक डॉ राजकुमार ने अपने पद से इस्तीफा दिया था.
सुबह में वे स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के आवास पहुंचे और उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने जहां एक तरफ रिम्स निदेशक प्रो डॉ राजकुमार का इस्तीफा मंजूर किया वहीं, तत्काल बाद में अधिसूचना जारी करते हुए नए कार्यकारी निदेशक की नियुक्ति भी कर दी.
