झारखंड की कला, संस्कृति के लिए गुरुवार का दिन अहम रहा. नई दिल्ली के विज्ञान भवन में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति ने झारखंड के भी कीन कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजा.
सरायकेला के छऊ मुखौटा शिल्पकार गुरु सुशांत कुमार महापात्र को छऊ और पारंपरिक मुखौटा शिल्प के लिए सम्मान मिला. वहीं बुंडू, रांची की दो सगी बहनें बुटन देवी और सोमवारी देवी को पारंपरिक ‘नचनी नृत्य’ परंपरा को जीवित रखने के लिए सम्मानित किया गया.
पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गुरु सुशांत कुमार महापात्र ने इसे अपने गुरुओं को समर्पित किया. उन्होंने कहा कि सरायकेला की छऊ मुखौटा कला को आगे बढ़ाना उनके जीवन का उद्देश्य है और वह आगे भी छऊ मुखौटा शिल्प एवं छऊ नृत्य के संरक्षण और संवर्धन के लिए काम करते रहेंगे.
पंचपरगना क्षेत्र की रहने वालीं बूटन देवी एवं सोमारी देवी ने पांरपरिक नचनी नृत्य को संजोये रखा है, यह पांरपरिक कला झारखंड की सांस्कृतिक पहचान की अमूल्य धरोहर है. इन दोनों बहनों ने इस कला को सहेजे रखने के लिए काफी संघर्ष भी किया है.
विशेष अलंकरण समारोह
वर्ष 2024 और 2025 के लिए आयोजित विशेष अलंकरण समारोह में देशभर के 115 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप एवं पुरस्कार प्रदान किये गये.
फेलोशिप के लिए चुने गए लोग और पुरस्कार विजेता भारत के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से संबंधित हैं और पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अतिरिक्त, ये प्रख्यात कलाकार संगीत, नृत्य, नाटक, लोक और जनजातीय कला, कठपुतली और संबद्ध थिएटर कला रूपों इत्यादि में व्यक्त प्रदर्शन के संपूर्ण कला रूपों के दायरे में आते हैं. अकादमी पुरस्कार 1952 से प्रदान किए जा रहे हैं.
ये सम्मान न केवल उत्कृष्टता और उपलब्धि के उच्चतम मानक का प्रतीक हैं बल्कि कलाकारों के निरंतर व्यक्तिगत कार्य और योगदान को भी मान्यता देते हैं। अकादमी फेलो के सम्मान में 3,00,000/- रुपये (तीन लाख रुपये मात्र) की राशि प्रदान की जाती है,जबकि अकादमी पुरस्कार में ताम्रपत्र और अंगवस्त्रम के अतिरिक्त 1,00,000/- रुपये (एक लाख रुपये मात्र) की राशि दी जाती है.
समारोह में भारत सरकार के माननीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत, योजना, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और माननीय संस्कृति राज्य मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह, संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल और संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा मौजूद रहे.
