रांचीः बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में एक महिला बंदी के कथित गर्भवती होने तथा जेल अधीक्षक पर यौन शोषण के गंभीर आरोप को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) ने अपनी जांच रिपोर्ट झालसा को सौंप दी है.
इससे पहले हाईकोर्ट के जस्टिस और झारखंड विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यपालक अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए डालसा को जांच करने और पीड़िता को लीगल एड उपलब्ध कराने के आदेश दिए.
आदेश के बाद सोमवार को झालसा की सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना की देखरेख में न्यायुक्त अनिल कुमार मिश्रा -एक की ओर से एक टीम गठित की गई.
जेल पहुंची जांच कमेटी, कई खामियां
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रांची की अगुवाई में जांच कमेटी ने सोमवार को केंद्रीय कारा का निरीक्षण किया. टीम ने पीड़ित महिला, जेल पीएलवी और डॉक्टर का बयान लिया. साथ ही सभी वार्डों का निरीक्षण कर मामले की जांच की गई. टीम ने पाया कि किसी भी वार्ड में शिकायत पेटी नहीं रखी गई थी. इसके बाद जांच रिपोर्ट डालसा को भेज दी गई है. हालांकि रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने आए हैं, फिलहाल इसका खुलासा नहीं किया गया है.
जेल निदेशक की टीम भी जांच के लिए पहुंची
सोमवार को ही जेल मुख्यालय से निदेशक मनोज कुमार की अगुवाई में गठित एक अलग जांच कमेटी बिरसा मुंडा जेल पहुंची. कमेटी ने जेल के अधिकारियों तथा पीड़ित महिला का बयान लिया. इधर रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने भी एक जांच कमेटी गठित की है. एडीएम लॉ एंड ऑर्डर को जांच पदाधिकारी बनाया गया है.
बाबूलाल के पत्र से मचा हंगामा
गौरतलब है कि विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखा है. इसमें उन्होंने एक गंभीर सूचना की जानकारी दी है.
इसमें बताया है कि जेल के अंदर और प्रशासनिक स्त्रोतों से पुष्ट सूचना मिली है कि बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार के अधीक्षक ने एक महिला कैदी के साथ यौन शोषण किया. जबकि काराधीक्षक द्वारा महिला कैदी के यौन शोषण एवं उसे गर्भवती किए जाने जैसे गंभीर कृत्य और अपराध को कारा महानिरीक्षक द्वारा दबाने का प्रयास जारी है.
