रांचीः झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा चयनित 316 इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्यों एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र सौंपा.
इनके अलावा 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं के बीच नियुक्ति पत्र बांटे गए.
झारखंड मंत्रालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर, श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय यादव और राज्य सरकार के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त सहायक आचार्य और महिला पर्यवेक्षकों को संबोधित करते हुए कहा, “यह सिर्फ नियुक्ति नहीं है, बल्कि आपके माध्मम से हम हरेक व्यक्ति तक जुड़कर भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं. हरेक व्यक्ति से जुड़ने के लिए आपको अभिन्न अंग बनाया है. आप लोग सीधे तौर पर ऐसे लोगों से जुड़ेंगे जिन्होंने आज तक अपने गांव के अलावा अपने जिला के मुख्यालय तक नहीं देखा होगा. एक सीमित क्षेत्र में एक उनकी जिंदगी रही होगी.”
उन्होंने कहा, “हमलोगों ने प्रयास किया है कि सरकारी विभागों में मानव संसाधनों को मजबूत किया जाए.. राज्य के समग्र विकास के पहिए को गति देने का हम लोगों ने प्रयास किया है. आज लोगों को बदलते परिवेश में कैसे आगे लाकर इन्हें मजबूत करना है, यह बहुत बड़ी चुनौती आपके ऊपर आने वाली है. यह कहा जाए कि आज के बाद यह जिम्मेदारी आपके कंधों पर होगी. सरकार बनने के बाद से ही 2024 से अलग-अलग विभागों में मानव संसाधनों को बढ़ाया गया है.”
पेपर लीक पर भी बोले
हेमंत सोेरेन ने कहा, “जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियां बाधित हो रही हैं, वहीं अबुआ सरकार ने शिक्षा विभाग में ही पिछले चार महीनों में 9 हजार से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को नौकरियां दी गई हैं. जबकि हमारे पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख नियुक्तियां की गईं. अपने दूसरे कार्यकाल वर्ष 2024 में सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियां की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.”
