रांचीः बोकारो ट्रेजरी घोटाले की जांच कर रही राज्य सरकार की जांच एजेंसी अपराध अनुसंधान विभाग की एसआईटी ने वहां के एक एएसआई अशोक कुमार भंडारी को गिरफ्तार किया है.
विशेष जांच दल को अनुसंधान के क्रम में जानकारी मिली है कि पूर्व में गिरफ्तार लेखापाल कौशल कुमार पांडेय ने अवैध निकासी के 50 लाख रुपये अशोक भंडारी के खाते में ट्रांसफर किए थे.
सीआईडी ने जारी रिलीज में बताया है कि कौशल कुमार पांडे के सहयोग से गलत तरीके से पुलिसकर्मियों का कमान निर्गत कर टीए बिल के तौर पर एक करोड़ दस लाख रुपये की निकासी की गई है.
अभियुक्त अशोक कुमार भंडारी बोकारो जिला में सहायक अवर निरीक्षक के पद पर है एवं बोकारो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में कार्यरत था. आगे की जांच जारी है.
CID ने किया है टेकअप
गौरतलब है कि झारखंड के बोकारो तथा हजारीबाग में हुए ट्रेजरी घोटाले में सरकार के आदेश पर अपराध अनुसंधान विभाग के केस टेकअप कर लिया है.
हजारीबाग में करोड़ों के घोटाले को लेकर पूर्व में कोषागार पदाधिकारी ने लोहसिंघना थाना में कांड संख्या 32/26 के तहत आठ अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
इसी तरह बोकारो में हुए घोटाले को लेकर स्टील थाना में सात अप्रैल को कांड संख्या 62/26 के तहत प्राथमीक दर्ज कराई गई थी.
ट्रेजरी से करोड़ों की अवैध राशि निकासी से जुड़े इन दोनों मामलों पर अब अपराध अनुसंधान विभाग की विशेष टीम जांच कर रही है. साथ ही अलग से केस दर्ज किया गया है.
इन कांडों के बेहतर अनुसंधान हेतु पंकज कंबोज, पुलिस महानिरीक्षक मानवाधिकार झारखंड रांची की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है.
इसमें एक डीआईजी, दो एसपी, तीन डीएसपी तथा दो इंस्पेक्टर स्तर के पुलिस अफसरों को शामिल किया गया है.
