रांचीः झारखंड में आदर्श विद्यालय योजना के अंतगर्त और 100 सीएम एक्सीलेंस ऑफ स्कूल विकसित किए जाने की योजना को लेकर मंगलवार को हुई हेमंत सोरेन कैबिनेट ने 7 अरब, 21 करोड़, 43 लाख 25 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है.
इन स्कूलों के सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर विकसित होने से इस श्रेणी के कुल 180 स्कूल राज्य में हो जाएंगे. अभी 80 स्कूल को सीएम एक्सीलेंस ऑफ स्कूल का दर्जा प्राप्त है.
इन स्कूलों का उद्देश्य ग्रामीण और सामान्य बच्चों को निजी स्कूलों जैसी सीबीएसई (CBSE) स्तर की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा मुफ्त प्रदान करना है.इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक लैब, खेलकूद, लाइब्रेरी समेत अन्य कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.
मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कुल 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है.
कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बताया है कि अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य हेतु तत्कालिक व्यवस्था के तहत सर्विस प्रोक्योरमेंट के आधार पर अंशकालीन शिक्षकों से कार्य लिए जाने के लिए अवधि विस्तार की स्वीकृति भी दी गई है.
65 साल में रिटायर होंगे डॉक्टर
ज्य सरकार ने झारखंड की सरकारी सेवा में कार्यरत डॉक्टरों के रिटायरमेंट एज में दो साल की कटौती कर दी है. अब उनका रिटायरमेंट 65 वर्ष में होगा.
उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में चिकित्सकों की कमी और जरूरत को देखते हुए उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा में दो वर्ष की बढोत्तरी की गयी थी.
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्य के सभी 606 थानों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे. इस पर लगभग 90 करोड़ की राशि खर्च होगी.
जी राम जी और वज्रपात
कैबिनेट सचिव ने बताया कि झारखण्ड राज्य में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) योजना की स्वीकृति दी गई है.
वज्रपात (Lightning) एवं ग्रीष्म लहर (Heat Wave) को गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चिन्हित प्राकृतिक आपदा की सूची में शामिल किये जाने के फलस्वरूप आपदाओं को झारखण्ड राज्य की विशिष्ट स्थानीय आपदा की सूची से विलोपित करने की स्वीकृति दी गई है.
एमजीएम और शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज
वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 में केन्द्र प्रायोजित योजना एवं राज्य योजना अन्तर्गत “राज्य सरकार के एम०जी०एम० मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर” में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए तथा मेडिकल कॉलेज में नए स्नातकोत्तर विषयों की शुरुआत और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाने (चरण III) के लिए संस्थान को सुदृढ़ और उन्नत बनाने हेतु कुल लागत रू० 3,93,91,09,600/- (तीन अरब तिरानबे करोड़ इक्यानबे लाख नौ हजार छः सौ) मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव एवं इस निमित भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किये जाने वाले MoU प्रारूप पर स्वीकृति दी गई है.
इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 में केन्द्र प्रायोजित योजना अन्तर्गत “शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद” में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए तथा मेडिकल कॉलेज में नए स्नातकोत्तर विषयों की शुरुआत और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या बढ़ाने (चरण III) के लिए संस्थान को सुदृढ़ और उन्नत बनाने हेतु कुल लागत रु० 4,95,02,77,600/- (चार अरब पंचानवे करोड़ दो लाख सतहत्तर हजार छः सौ) मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव एवं इस निमित भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा किये जाने वाले MoU प्रारूप पर स्वीकृति दी गई है.
