सुप्रीम कोर्ट ने जेपीएससी की परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर स्वतंत्र सीबीआई जांच की मांग पर राज्य सरकार समेत सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है.
सोमवार को इस याचिका पर सीजेआई सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने सुनवाई हुई.
जेपीएससी की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए देश की सर्वोच्च अदालत में सीबीआई जांच की मांग को लेकर याचिका दायर की गयी है.
यह याचिका हरिशरण देवगन ने दायर की है. दायर याचिका में 19 अप्रैल को आयोजित प्रारंभिक परीक्षा की सीबीआई जांच की मांगकी गई है.
इसके अलावा परीक्षा से जुड़े सभी रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य संबंधित सामग्री को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग की गई है, ताकि जांच के दौरान किसी तरह के साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ न हो.
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से नोटिस को स्वीकार किया गया.
इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील पेश की गई कि छात्र परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों के खिलाफ़ एक महीने से ज़्यादा समय से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि राज्य सरकार ने परीक्षाएं रद्द कर दी थीं, लेकिन हाई कोर्ट ने तुरंत उस फैसले पर रोक लगा दी, जबकि राज्य सरकार ने “अप्रत्यक्ष रूप से” इस चुनौती का समर्थन किया.
सुप्रीम कोर्ट ने पूछे सवाल
बार एंड बेंच के अनुसार सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि झारखंड में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं.
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने पूछा कि क्या मामला एक से अधिक परीक्षाओं से जुड़ा है.
मिश्रा ने बताया कि एक परीक्षा झारखंड लोक सेवा आयोग की है, जबकि दूसरी स्टाफ सेलेक्शन परीक्षा है.
मुख्य न्यायाधीश ने ये भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि न्यायिक सेवा परीक्षा भी क्या लोक सेवा आयोग आयोजित करता है. उन्होंने कहा कि अदालत इस पहलू को लेकर ज्यादा चिंतित है.
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि मामले में या तो सीबीआई जांच कराई जाए या सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में जांच हो.
इस पर सीजेआई ने कहा कि पूर्व न्यायाधीश से जांच कैसे कराई जा सकती है. उन्होंने कहा कि यह महज जांच-पड़ताल नहीं, बल्कि जांच का मामला है, जिसमें फोरेंसिक जांच जैसी प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ सकती है और ये सभी काम कोई एजेंसी ही कर सकती है.
वरीय अधिवक्ता ने दलील दी कि इसीलिए CBI जांच की मांग की जा रही है, क्योंकि छात्र विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
