रांचीः झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के अध्यक्ष और डुमरी से विधायक जयराम कुमार महतो का धनबाद में बरवाअड्डा के थाना प्रभारी को कथित तौर पर गाली-गलौज से जुड़े एक कथित ऑडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में उन्होंने अपनी सफाई दी है.
जयराम ने कहा है “वह ऑडियो अथवा वीडियो आधा से ज्यादा एडिटेड है. थाना प्रभारी के साथ बस हॉट टॉक हुआ है”.
माडा कर्मचारियों के बकाये वेतन के मामले में एमडी से मिलने धनबाद पहुंचे जयराम महतो ने मीडिया से बातचीत में कहा, थाना प्रभारी के साथ उनकी करीब 11 मिनट तक बात हुई थी. वायरल ऑडियो को तोड़-मरोड़कर और एडिट कर सार्वजनिक किया गया है. 11 मिनट का ऑरिजनल ऑडियो सार्वजनिक करें.
एक अलग बयान में जयराम ने कहा, ठबालू को लेकर युवाओं को परेशान करने के मामले में वाट्सएप चैट पर थाना प्रभारी के साथ मैसेज के आदान-प्रदान का विवरण दिया. उन्होंने कहा दो दिनों से थाना प्रभारी से मैसेज पर बात हो रही थी. उसने कहा, ऊपर तक पैसा पहुंचाना पड़ता है.
उन्होंने यह भी कहा, “आम लोगों को पता है कि जयराम सिस्टम से लड़ने वाला व्यक्ति है.”
उन्होंने कहा कि अगर हॉट टॉक कार्रवाई के दायरे में आता है, तो वे कार्रवाई करें, लेकिन 21 अगस्त को थाना परिसर की घटना को भी वे सार्वजनिक करें.
उन्होंने दावा किया कि वह जहां भी जाते हैं उनका कैमरा ऑन रहता है और थाना परिसर में भी कई कैमरे लगे हुए हैं. 21 अगस्त की घटना की पूरी सच्चाई वीडियो फुटेज से सामने आ सकती है. उन्होंने बरवाअड्डा थाना प्रभारी से घटना की एक-एक मिनट की वीडियो फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की.
जयराम ने कहा, विधायिका और कार्यपालिका दोनों को हमसे दिक्कत है, क्योंकि हमने विधायिका की परंपरा बदल दी है. जनता को हमसे कोई दिक्कत नहीं होती. उन्होंने आरोप लगाया कि थाने में बैठे लोग हर गलत काम में पैसे वसूलते हैं. इसका हिस्सा जनप्रतिनिधियों तक जाता है. वे इसे प्रमाणित कर सकते हैं.
जयराम के इस कथित ऑडियो को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है. हालांकि जयराम के कार्यकर्ता और समर्थक इसे जनता के हित में उठाया गया कदम करार दे रहे हैं. कई यूजर्स ने लिखा है. यह जिगर टाइगर जयराम के पास ही हो सकता है.
पुलिस एसोसिएशन ने माफी मांगने को कहा
उधर झारखंड पुलिस एसोसिएशन शाखा धनबाद के पदाधिकारियों ने मंगलवार को धनबाद पुलिस केंद्र में एक प्रेस कांफ्रेंस में डुमरी विधायक जयराम महतो द्वारा बरवाअड्डा थाना प्रभारी से फोन पर कथित रूप से गाली-गलौज किए जाने के मामले पर कड़ा आक्रोश जताया.
इसके साथ ही एसोसिएशन ने विधायक से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है.
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि संवैधानिक पद पर रहते हुए किसी पुलिस पदाधिकारी के साथ इस तरह की अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए. ऐसे व्यवहार से पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. अपमानजनक व्यवहार स्वीकार्य नहीं है.
21 अगस्त की घटना को लेकर जयराम समेत 10 लोगों पर एफआईआर
बरवाअड्डा थाना में 21 अगस्त को डुमरी विधायक और उनके समर्थकों और बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया यशोदा देवी के समर्थकों के बीच हुई झड़प के मामले में थाना प्रभारी रवि कुमार की शिकायत पर विधायक जयराम महतो समेत 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
इन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है.
बाकी नौ लोगों में दिलीप चौधरी, सुशील मंडल, महेंद्र साव, राजकुमार मंडल, जीतेंद्र हजारी, अजय दास, गोलक महतो, रंजीत कुमार, राजेश महतो शामिल हैं. साथ ही 4-50 लोग अज्ञात हैं.
इन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है. थाना प्रभारी ने शिकायत में कहा है कि दिलीप चौधरी ने सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण कर हिरासत में लिए गए गणेश दास को पुलिस द्वारा पीटने की झूठी अफवाह फैलाकर थाने में भीड़ जुटाई. ये लोग थाना के अंदर घुसे और हो-हंगामा किया.
क्यों गिरफ्तार किए गए थे गणेश दास
पुलिस का कहना है कि बड़ाछिपरी निवासी जेएलकेएम का कार्यकर्ता गणेश दास पर मुखिया यशोदा देवी का फर्जी हस्ताक्षर कर जाति, आवासीय प्रमाण पत्र और वंशावली बनाने का आरोप है. मुखिया ने गणेश दास के खिलाफ प्गराथमिकी दर्ज कराई थी. पुलिस ने गणेश दास को पकड़कर हाजत में डाल दिया.
इस बीच गणेष दास की पैरवी करने पहुंचे जयराम महतो और मुखिया के समर्थकों के बीच तीखी बहस के बाद मारपीट की घटना हुई. इसमें मुखिया पुत्र घायल हो गए.
