रांचीः झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता, कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी मामले की जांच कर रही सीआईडी की टीम ने हजारीबाग से दो सहोदर भाइयों को गिरफ्तार किया है.
जांच एजेंसी को पता चला है कि 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सेटिंग से इन दोनों भाइयों ने प्रारंभिक परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हजारीबाग जिले के दीपक राणा और ओमप्रकाश राणा के रूप में की गई है.
अब तक की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों ने 14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा में कथित तौर पर अनुचित साधनों और सांठगांठ का इस्तेमाल किया था.
सीआईडी ने छानबीन में पाया है कि दोनों ही अभ्यर्थियों ने एक एजेंट के माध्यम से प्रारंभिक परीक्षा पास करवाने के लिए कथित 10 से 15 लाख रुपये दिए थे. सीआईडी को उस एजेंट की भी जानकारी मिल गई है, जिसकी तलाश चल रही है.
जेपीएससी मेधा घोटाला में सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है.
जांच के क्रम में सीआईडी जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल ख्यांगते, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत 27 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है.
निचली अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद ख्यांग्ते ने हाईकोर्ट का रुख किया है.
गौरतलब है कि सीआईडी की जांच और छापे में गड़बड़ियां पकड़ने सरकार ने 14वीं पीटी परीक्षा को रद्द कर दिया है.
