रांचीः झारखंड के वित्त और वाणिज्य कर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुवार को वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ राज्य के राजस्व संग्रहण की समीक्षा की और बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए.
समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आए कि अगस्त 2026 तक 41 प्रतिशत लक्ष्य के विरुद्ध 34.05 प्रतिशत राजस्व वसूली की जा सकी है.
संग्रहण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने बकाया वसूली में तेजी, कर चोरी पर सख्त कार्रवाई और राजस्व संग्रहण बढ़ाने का निर्देश दिये हैं.
समीक्षा बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में किये गये बदलाव की वजह से भी राज्य को करीब 400 करोड़ रुपये के राज्सव का नुकसान का अनुमान है. इसके अलावा वीबी-जी-रामजी के लागू होने और मनरेगा के मुकाबले केंद्र द्वारा अपनी हिस्सेदारी कम करने की वजह से राज्य पर अतिरिक्त 400 करोड़ रुपये का बोझ पड़ने का अनुमान किया गया.
एमएमडीआर एक्ट संशोधन से सेश के तौर पर संभावित 14000 करोड़ के नुकसाान को लेकर भी चर्चा की गई.
मंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि वे माइंस, रियल इस्टेट, ज्वेलरी, सीमेंट, ट्रांसपोर्ट और स्क्रैप ट्रेडिंग कारोबार पर नजर रखें. साथ ही वास्तविक व्यापार के मुकाबले कम का रिटर्न दाखिल करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
