खूंटीः झारखंड के खूंटी जिले के तोरपा में बिजली की करंट से हुए दर्दनाक हादसे में दो स्कूली बच्चों की मौत हो गई है. इस घटना में आधे दर्जन से अधिक बच्चे झुलस गए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है.
पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारी घटना स्थल पर पहुंचे हैं. घायलों के समुचित इलाज के लिए डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट किया गया है.
तोरपा प्रखंड मुख्यालय में रथ यात्रा संपन्न होने के बाद जगन्नाथ स्वामी का रथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाना था. स्थानीय लोगों ने बताया कि निधिवन होटल के निकट रथ को रखा जाता है.
रथ को ले जाने के लिए कई स्कूली बच्चे भी पहुंचे थे. सोमवार को रथ ले जाने के दौरान यह 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया. इससे12वीं कक्षा के दो बच्चों 17 वर्षीय चंदन कुमार (पिता- शाहदेव यादव) और 17 वर्षीय तिजेश्वर गोप (पिता- पाल गोप) की मौत हो गई है.

घायलों में कमलेश गोप (20 वर्ष, कुल्डा), रूपेश कुमार सिंह (17 वर्ष, इचा), अरमान आलम (16 वर्ष, मिलन चौक), पंकज राम (17 वर्ष, बाँस टोली), गिरिराज यादव (17 वर्ष, कोटंगसेरा), सूजे लोहरा (13 वर्ष, सायसेरा) और निलय एक्का (17 वर्ष, शांति नगर) शामिल हैं. सभी छात्र श्रीहरि प्लस टू विद्यालय के विद्यार्थी हैं.
अस्पताल में परिजनों की भीड़ लगी है. मरने वाले बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बना है.
कैसे पहुंचे स्कूली बच्चे और फिर क्या हुआ
बताया जा रहा है कि दोपहर में लंच अवकाश के दौरान छात्र स्कूल के बाहर थे. इसी दौरान वे भगवान जगन्नाथ के रथ के पास चले गए.
हालांकि इस बात को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि छात्रों को स्कूल से बुलाया गया था, जबकि कुछ के अनुसार बच्चे स्वयं रथ के पास पहुंचे थे. फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम जांच के घेरे में है.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रथ को आगे बढ़ाने के दौरान उसके लोहे का हिस्सा ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया. पल भर तेज करंट प्रवाहित होने से रथ के आसपास मौजूद छात्र उसकी चपेट में आ गए.
चीख-पुकार और भगदड़ के बीच स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए घायलों को किसी तरह करंट से अलग किया और तत्काल तोरपा के अस्पताल पहुंचाया. वहां से गंभीर रूप से घायल दो छात्रों को बेहतर इलाज के लिए खूंटी सदर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
हादसे के बाद इस बात की जांच की जा रही है कि रथ के जाने के समय बिजली सप्लाई बंद की गई थी या नहीं, और हाईटेंशन तार की ऊंचाई मानकों के अनुसार थी या नहीं. स्कूल के बच्चे वहां कैसे पहुंचे इसकी भी जानकारी ली जा रही है.
एसडीएम ने लिया जायजा, क्या बताया
घटना के बाद एसडीएम दीपेश कुमारी तोरपा पहुंचीं और घटनास्थल का निरीक्षण किया. इसके बाद वे एक मृतक बच्चे के घर जाकर परिजनों से मुलाकात की और सदर अस्पताल पहुंचकर घटना कीजानकारी ली.
उन्होंने कहा है कि इस घटना को लेकर संवेदनशीलता के साथ जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि हादसे में मरने वाले दोनों बच्चे श्री हरि प्लस टू स्कूल के छात्र थे. स्कूल अवधि के दौरान बच्चे स्कूल से करीब 500 मीटर दूर घटनास्थल पर कैसे पहुंचे, यह जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है. जबकि बच्चों को उस समय स्कूल में होना चािहए था.
जानकारी मिली है कि एक अन्य व्यिक्त को भी करंट का झटका लगा है, जिसकी भी जांच की जा रही है.
एसडीएम ने बताया कि हादसे के दौरान रथ को घुमाया जा रहा था. रथ लोहे का बना हुआ है और इसके गुंबद के ऊपर झंडा बांधने के लिए लोहे का रॉड लगा हुआ था. रथ और रॉड की कुल ऊंचाई करीब 17 फीट है. जबकि बिजली का तार जमीन से लगभग 14 से 15 फीट की ऊंचाई पर था.
उन्होंने बताया कि रथ की दिशा बदलने के दौरान गुंबद के ऊपर लगा लोहे का रॉड बिजली के तार के संपर्क में आया, जिससे करंट दौड़ पड़ा. और यह ददर्नाक हादसा हुआ.
